मत्स्याखेट पारिश्रमिक भुगतान समय पर नहीं करने से दण्ड ब्याज लगेगा

मत्स्य महासंघ की बैठक

भोपाल। मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास मंत्री श्री अंतर सिंह आर्य की अध्यक्षता में मत्स्य महासंघ की काम-काज समिति की बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि अनुबंधग्रहिता द्वारा मत्स्याखेट पारिश्रमिक राशि का भुगतान समय पर नहीं किया जाता है तो उस दशा में सप्ताह के अंत से देय राशि पर 3 प्रतिशत मासिक की दर से दण्ड ब्याज की वसूली महासंघ द्वारा की जायेगी। महासंघ द्वारा इस राशि का उपयोग मछुओं के कल्याण के लिये किया जायेगा। बैठक में तय किया गया कि निविदा प्रक्रिया में लेटर ऑफ ऑफर जारी करने के बाद यदि संबंधित अनुबंधग्रहिता अनुबंध निष्पादन के लिये उपस्थित नहीं होता है तो ऐसे निविदाकारों को एक वर्ष की अवधि के लिये काली-सूची में डाला जायेगा। इसके कारण वे आगामी एक वर्ष की अवधि में महासंघ के किसी भी जलाशय की निविदा कार्यवाही में भाग नहीं ले सकेंगे।

मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास मंत्री श्री अंतर सिंह आर्य ने राज्य-स्तरीय मछुआ कार्यशाला में कहा कि अप्रैल माह में मछुआ महा-पंचायत का आयोजन किया जायेगा। इस अवसर पर श्री आर्य ने मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास विभाग की वेबसाइट का लोकार्पण किया तथा संचालनालय को ढ्ढस्ह्र अवार्ड प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया।

जनश्री बीमा योजना के स्थान पर अब प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना का लाभ दिया जायेगा। इसमें सामान्य मृत्यु पर 2 लाख रुपये तथा दुर्घटना से मृत्यु पर मछुआ परिवार को दो लाख की अतिरिक्त बीमा राशि उपलब्ध करवाई जाएगी। बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री विनोद सेमवाल एवं मत्स्य महासंघ के संचालक श्री महेन्द्र सिंह धाकड़ उपस्थित थे।

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