म.प्र. को कृषि कर्मण अवॉर्ड

प्रधानमंत्री ने किसान सम्मान निधि की तीसरी किस्त भी जारी की

(विशेष प्रतिनिधि)
बैंगलुर/भोपाल। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कर्नाटक के तुमकुर में गत दिनों आयोजित एक समारोह में राज्यों के प्रगतिशील किसानों को कृषि कर्मण पुरस्कार वितरित किए। उन्होंने दिसंबर 2019 से मार्च 2020 तक की अवधि के लिए पीएम किसान (प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि) के तहत 2000 रुपये की तीसरी किस्त भी जारी की। इससे लगभग 6 करोड़ लाभार्थियों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कर्नाटक के चुनिंदा किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) भी वितरित किए। प्रधानमंत्री ने 8 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लाभार्थियों को पीएम किसान के तहत प्रमाण पत्र भी सौंपे। प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु के चुनिंदा किसानों को गहरे समुद्र में मछली पकडऩे वाली नौकाओं और फिशिंग वेसल्स ट्रांसपोंडरों की चाबियां भी सौंपी।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने मध्यप्रदेश को लगातार छठवीं बार वर्ष 2016-17 के लिये गेहूं के क्षेत्र में और सातवीं बार वर्ष 2017-18 के लिये दलहन उत्पादन के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिये कृषि कर्मण अवॉर्ड प्रदान किया। मध्यप्रदेश को दोनों वर्षों के लिये कृषि कर्मण अवॉर्ड की राशि 2-2 करोड़ रूपये तथा प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। इस मौके पर वर्ष 2017-18 के लिये दलहन उत्पादन के क्षेत्र में नरसिंहपुर जिले के प्रगतिशील कृषक श्री चंद्रशेखर तिवारी एवं होशंगाबाद जिले की महिला कृषक श्रीमती शिवलता महतो को पुरस्कृत किया गया तथा वर्ष 2016-17 के लिये गेहूं उत्पादन के क्षेत्र में खरगोन जिले के प्रगतिशील कृषक श्री संतोष शोभाराम यादव एवं होशंगाबाद जिले की महिला कृषक श्रीमती कंचन वर्मा को पुरस्कार प्रदान किया गया।

पोषक अनाज, बागवानी और जैविक खेती के लिए बने कृषि कर्मण पुरस्कार की नई श्रेणी

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6 करोड़ किसानों को मिली तीसरी किश्त
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कहा कि कर्नाटक की भूमि ने वह ऐतिहासिक क्षण भी देखा है जब देश के लगभग 6 करोड़ किसानों को उनके निजी खातों में सीधे ही पीएम किसान योजना के तहत पैसा वितरित किया गया। प्रधानमंत्री ने कहा इस योजना की तीसरी किश्त के तहत कुल 12 हजार करोड़ रुपये जमा किए गए हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जो सिंचाई परियोजनाएँ कई दशकों से रुकी हुई थी वे अब लागू की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र फसल बीमा, मृदा स्वास्थ्य कार्ड और 100 प्रतिशत नीम लेपित यूरिया जैसी योजनाओं के साथ देश के किसानों के हितों को हमेशा प्राथमिकता देता है।

” देश की पोषण सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, पीएम ने पोषक अनाजों, बागवानी और जैविक खेती के लिए कृषि कर्मण पुरस्कार में एक नई श्रेणी बनाने को कहा। इससे इन क्षेत्रों में बेहतर काम करने वाले लोगों और राज्यों को प्रोत्साहन मिलेगा।”

मसाला निर्यात में बढ़ौत्री
उन्होंने कहा कि देश में मसालों का उत्पादन और निर्यात दोनों में काफी बढ़ोतरी हुई है। ”भारत में मसाला उत्पादन में 2.5 मिलियन टन से अधिक वृद्धि हुई है, इसलिए निर्यात भी लगभग 15 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग 19 हजार करोड़ रुपये का हो गया है।”

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मुख्यमंत्री ने दी किसानों को बधाई
म.प्र. के मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने गेहूँ और दालों के उत्पादन में मध्यप्रदेश को उत्कृष्टता के लिए कृषि कर्मण अवार्ड मिलने पर किसानों और विशेष रूप से प्रगतिशील किसानों को बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के किसान अपनी मेहनत से प्रदेश को कृषि कर्मण पुरस्कार दिला रहे हैं।

इस अवसर पर केन्द्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने बताया कि पीएम-किसान योजना के लाभार्थियों के लिए एक टोल-फ्री नंबर 155261 शुरू किया गया है, जिस पर किसान अपनी भुगतान की स्थिति जान सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह छोटे और सीमांत किसानों की सामाजिक सुरक्षा के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। कार्यक्रम में केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री द्वय श्री परषोत्तम रूपाला एवं श्री कैलाश चौधरी भी उपस्थित थे।

केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर के साथ उपसंचालक कृषि खरगोन श्री एम.एल. चौहान। साथ में कृषक श्री संतोष शोभाराम यादव।

म.प्र. के चार प्रगतिशील कृषकों को मिला सम्मान

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने म.प्र. को लगातार छठवीं बार वर्ष 2016-17 के लिए गेहूं उत्पादन के क्षेत्र में तथा सातवीं बार वर्ष 2017-18 के लिए दलहन उत्पादन के क्षेत्र में भारत सरकार का प्रतिष्ठित कृषि कर्मण अवॉर्ड प्रदान किया।
तुमकुर (कर्नाटक) में आयोजित समारोह में म.प्र. के कृषि उत्पादन आयुक्त श्री प्रभांशु कमल ने प्रधानमंत्री के हाथों पुरस्कार ग्रहण किया। ज्ञातव्य है कि कृषि कर्मण अवॉर्ड में फसल विशेष के लिए 2 करोड़ की राशि एवं प्रशस्ति पत्र दिया जाता है। इसी कड़ी में प्रदेश के प्रगतिशील कृषकों का सम्मान भी किया जाता है। इसके तहत दलहन उत्पादन के क्षेत्र में वर्ष 2017-18 के लिए नरसिंहपुर जिले के कृषक श्री चंद्रशेखर तिवारी एवं होशंगाबाद जिले की महिला कृषक श्रीमती शिवलता महतो को तथा गेहूं उत्पादन के क्षेत्र में वर्ष 2016-17 के लिए खरगोन जिले के कृषक श्री संतोष शोभाराम यादव एवं होशंगाबाद जिले की महिला कृषक श्रीमती कंचन वर्मा को 2-2 लाख रूपये की राशि एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर दलहन विकास निदेशालय भोपाल के निदेशक डॉ. ए.के. तिवारी, प्रभारी संयुक्त संचालक श्री जी.एस. चौहान, होशंगाबाद के उपसंचालक कृषि श्री जितेंद्र सिंह, खरगोन के उपसंचालक श्री एम.एल. चौहान, नरसिंहपुर के उपसंचालक श्री राजेश त्रिपाठी एवं पुरस्कृत प्रतिभागियों के परिजन उपस्थित थे।

चना उत्पादन में अव्वल श्री चंद्रशेखर तिवारी

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म.प्र. के नरसिंहपुर जिले के प्रगतिशील कृषक श्री चंद्रशेखर तिवारी पिता श्री नारायण दत्त तिवारी को वर्ष 2017-18 के लिए दलहन उत्पादन के क्षेत्र में चना फसल के लिए कृषि कर्मण अवार्ड से नवाजा गया है। उन्होंने 49.80 क्विंटल प्रति हेक्टेयर चने का उत्पादन लिया है, यह आंकड़े फसल कटाई प्रयोग के बाद लिए गए। वैसे श्री तिवारी मूलत: गन्ना किसान की श्रेणी में आते हैं। उन्हें गन्ने की खेती के क्षेत्र में आईसीएआर-आईआईएसआर लखनऊ द्वारा सम्मानित किया जा चुका है।

श्री विधि से लगाया गेहूं श्री संतोष शोभाराम यादव

santosh yadavप्रदेश के खरगोन जिले की कसरावद तहसील के ग्राम अहीर धामनोद के प्रगतिशील कृषक श्री संतोष शोभाराम यादव ने श्री विधि से 111 क्विंटल प्रति हेक्टेयर गेहूं उपजा कर वर्ष 2016-17 के लिए कृषि कर्मण पुरस्कार हासिल किया है। फसल कटाई प्रयोग के आधार पर प्रमाणित दस्तावेजों के तहत कृषि विभाग की उच्च स्तरीय समिति ने श्री यादव का चयन किया था।

हाथ से बुवाई कर हासिल की सफलता श्रीमती शिवलता महतो

shivlataप्रदेश की प्रगतिशील महिला कृषक श्रीमती शिवलता, साहबलाल मेहतो होशंगाबाद जिले के ग्राम पथरौटा इटारसी की निवासी हैं। उन्हें 43.40 क्विंटल प्रति हेक्टेयर चने का उत्पादन वर्ष 2017-18 में लेेने के कारण कृषि कर्मण अवार्ड से पुरस्कृत किया गया है। उन्होंने साढ़े 4 एकड़ में चने की खेती की थी, बीज सीडड्रिल की जगह हाथ से बोए थे तथा खेतों में नरवाई को खाद के रूप में इस्तेमाल किया था जिसका लाभ उन्हें मिला।

ग्रेजुएट महिला कृषक श्रीमती कंचन वर्मा

kanchan vermaहोशंगाबाद जिले के केसला विकासखण्ड के ग्राम सोमलवाड़ा की प्रगतिशील महिला कृषक श्रीमती कंचन वर्मा/शरद वर्मा को गेहूं की 110.99 क्विंटल प्रति हेक्टेयर पैदावार लेने पर वर्ष 2016-17 के लिए कृषि कर्मण अवार्ड प्रदान किया गया है। 42 वर्षीय श्रीमती वर्मा स्नातक तक शिक्षित हैं। उन्होंने गेहूं की 322 किस्म से यह उत्पादन लिया है। उन्हें खेती के गुण विरासत में मिले हैं।

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