कावेरी सीड्स से मिला अधिक उत्पादन

इंदौर। बैतूल जिले में स्थित घोड़ाडोंगरी तहसील के ग्राम जुआड़ी के उन्नत किसान हेमंत यादव ने कावेरी सीड्स की धान की किस्म 90-90 लगाई थी। इस बारे में श्री हेमंत ने बताया कि उन्होंने अपने खेत के दो एकड़ रकबे में कावेरी सीड्स की धान की किस्म 90-90 लगाई थी। जिसमें उन्हें 50-55 क्विंटल प्रति एकड़ का उत्पादन मिला। अपने अनुभव बांटते हुए श्री यादव ने कहा कि कावेरी की यह किस्म कम समय में आने वाली किस्म है, जिसमें लागत भी कम आती है और कीट का प्रकोप भी कम होता है। अन्य कोई परेशानी नहीं आने से उन्होंने अन्य किसानों को भी इसे लगाने को प्रेरित किया। इसी तरह बैतूल जिले की घोड़ाडोंगरी तहसील के ही ग्राम रानीपुर के एक अन्य किसान पंकज कुमार साहू ने भी कावेरी सीड्स कम्पनी का हाइब्रिड धान 468 लगाया था। जिसमें उन्हें 28-30 क्विंटल प्रति एकड़ का उत्पादन प्राप्त हुआ। श्री साहू के अनुसार कावेरी की यह किस्म वजनदार होने के साथ ही अधिक उत्पादन देती है।
जबकि दूसरी ओर ग्राम रोहनाकला तहसील एवं जिला छिंदवाड़ा के उन्नत कृषक कृष्णा साहू ने कावेरी सीड्स कम्पनी का हाइब्रिड मक्का प्रॉफिट की किस्म लगाई थी। श्री साहू के अनुसार कावेरी के मक्के के दाने का वजन अन्य कम्पनियों की तुलना में अधिक है। इसका बीज रोग प्रतिरोधक होने से बीमारियों से भी बचाता है। इसलिये रोग भी कम लगते हैं।
श्री साहू के यहां कावेरी सीड्स कम्पनी का हाइब्रिड मक्का प्रॉफिट का उत्पादन 32 क्विंटल प्रति एकड़ रहा। जिसका सारा श्रेय उन्होंने अपनी मेहनत के साथ-साथ कावेरी सीड्स कम्पनी को दिया। इसी तरह ग्राम अजई तहसील चिचौली जिला बैतूल के किसान किररु यादव ने भी कावेरी सीड्स कम्पनी की हाइब्रिड मक्का प्रॉफिट किस्म लगाई थी। श्री यादव ने कहा कि कावेरी की यह किस्म अधिक उत्पादन देने वाली है। इसका दाना वजनदार और चमकीला है। इस किस्म की एक विशेषता यह है कि यह हवा, आंधी और पानी में गिरती नहीं है। श्री यादव के यहां इस किस्म का उत्पादन 26 क्विंटल प्रति एकड़ रहा।

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