किसानों को समय पर भुगतान करें : श्री शिवराज सिंह

गेहूं, चना, मसूर और सरसों उपार्जन की समीक्षा

(विशेष प्रतिनिधि)
भोपाल। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिये हैं कि सभी जिलों में आवश्यकतानुसार नवीन उपार्जन केन्द्र खोले जायें। किसानों को भुगतान समय से हो। मुख्यमंत्री श्री चौहान गत दिनों वीडियो कान्फ्रेस के माध्यम से प्रदेश में चल रहे गेहूँ, चना, मसूर और सरसों के उपार्जन की समीक्षा कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को समय से एसएमएस मिले तथा खरीदी केन्द्र पर उपार्जन सुनिश्चित किया जाये। उपार्जन के बाद शीघ्र परिवहन किया जाये। यह सुनिश्चित करें कि किसानों को खरीदी के तीसरे दिन भुगतान मिले। किसी कारण से एसएमएस से सूचना के बाद निर्धारित दिन पर किसान नहीं आ पाता है तो उन्हें दोबारा एसएमएस किया जाये। खरीदी, परिवहन और किसान को भुगतान की लगातार मानीटरिंग की जाये।

प्रदेश में 24 और नये उपार्जन केन्द्र खुले
मुख्यमंत्री के निर्देश पर तत्काल कदम उठाते हुए प्रदेश में प्राइस सपोर्ट स्कीम के अंतर्गत गठित समिति की सिफारिश पर राज्य में चना, मसूर और सरसों के लिये 24 नये उपार्जन केन्द्र मंजूर किये गये हैं। इन केन्द्रों पर तत्काल खरीदी शुरू करने के निर्देश दिये गये हैं। नये केन्द्रों में रायसेन और उज्जैन जिले में तीन-तीन, अशोकनगर, खण्डवा, होशंगाबाद और मंदसौर में दो-दो, बैतूल, भिण्ड, शाजापुर, आगर, शिवपुरी, छिन्दवाड़ा, श्योपुर, ग्वालियर और झाबुआ में एक-एक नया उपार्जन केन्द्र शुरू किया गया है।

प्रभारी मंत्री भी प्रतिदिन करेंगे मानीटरिंग
मुख्यमंत्री ने कहा कि कलेक्टर उपार्जन कार्य के साथ भुगतान की स्थिति की प्रतिदिन समीक्षा करें। प्रभारी मंत्री भी प्रतिदिन उपार्जन कार्य की मानीटरिंग करेंगे। खरीदी, परिवहन, भुगतान और कैश की प्रतिदिन रिपोर्ट लें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कृषि समृद्धि योजना के तहत वर्ष 2016-17 की प्रोत्साहन राशि अधिकांश किसानों के खातों में पहुँच गई है। वर्ष 2017-18 की प्रोत्साहन राशि 265 रूपये प्रति क्विंटल गेहूँ तथा चना, मसूर और सरसों में 100 रूपये प्रति क्विंटल की दर से आगामी 10 जून को किसानों के खातों में डाली जायेगी।
अब तक गेहूं खरीदी
प्रदेश में अब तक 45 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया गया है। गेहूँ, चना, मसूर, सरसों को मण्डियों में बेचने वाले किसानों को भी मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना में प्रोत्साहन राशि दी जायेगी। इन किसानों का पंजीयन किया गया है। बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
औसत उत्पादकता का निर्धारण
प्राइस सपोर्ट स्कीम की बैठक में रबी मार्केटिंग सीजन 2018-19 के लिये होशंगाबाद और हरदा जिलों के लिये चना की औसत उत्पादकता का नया निर्धारण किया गया है। होशंगाबाद एवं हरदा जिलों में चना की औसत उत्पादकता 15 क्विंटल प्रति हेक्टेयर के स्थान पर 19 क्विंटल तथा भिण्ड और मुरैना जिलों के लिये सरसों फसल की औसत उत्पादकता 13 क्विंटल प्रति हेक्टेयर के स्थान पर 15 क्विंटल निर्धारित की गई है।

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