बैंकों में पर्याप्त नगदी उपलब्ध रखें

राज्य-स्तरीय बैंकर्स समिति की 168वीं बैठक में मुख्यमंत्री

भोपाल। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने गतदिनों राज्य-स्तरीय बैंकर्स समिति की 168 वीं बैठक में कहा कि बैंकों में पर्याप्त मात्रा में नगदी उपलब्ध रहे। स्व-रोजगार योजनाओं का ऋण वितरण पारदर्शिता के साथ किया जाये। सामाजिक सुरक्षा योजना के हितग्राहियों और मनरेगा के श्रमिकों को पेंशन और मजदूरी भुगतान की समुचित सुविधा उपलब्ध करवायें।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के पिछड़े जिलों में जमा-ऋण-अनुपात को बढ़ाने और ग्रामीण अंचल में बैंक शाखाओं की संख्या बढ़ाने के प्रयास किये जायें। बैठक में निर्णय लिया गया कि आगामी 4 अगस्त को प्रदेश के सभी जिलों में रोजगार मेले लगाये जाएंगे। मुख्यमंत्री ने समिति की वर्ष 2018-19 की कार्य-योजना का भी विमोचन किया।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि बैंक राज्य की समृद्धि और विकास का आधार हैं। कृषि, उद्योग और बुनियादी विकास आदि सभी क्षेत्रों में होने वाले कार्य, बैंकिंग व्यवस्था पर निर्भर हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा शीघ्र ही समर्थन मूल्य पर कृषि उपज की खरीदी और प्रोत्साहन राशि के लगभग 25 हजार करोड़ रुपये बैंकों में जमा किये जा रहे हैं। किसानों एवं अन्य पात्र हितग्रहियों को उन्हें स्वीकृत राशि प्राप्त करने में असुविधा और विलंब नहीं हो। बैंक सुनिश्चित करें कि शाखाओं में पर्याप्त मात्रा में नगदी उपलब्ध रहे।
श्री चौहान ने कहा कि बैंकर्स द्वारा ऐसा मॉडल तैयार किया जाये कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के पेंशनर्स और मनरेगा के श्रमिकों को, उनके गाँवों में ही आसानी से स्वीकृत राशि प्राप्त हो सके। उन्होंने बैंकर्स को कृषि क्षेत्र में स्व-रोजगार के अवसर सृजित करने, कृषक युवा उद्यमी योजना पर फोकस करने और अधिक से अधिक ऋण वितरण के लिये प्रेरित किया।
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के कार्यकारी निदेशक श्री बी.एस. शेखावत ने बताया कि मध्यप्रदेश की जीडीपी वृद्धि दर गत वर्ष 19.7 प्रतिशत रही, जो देश की औसत वृद्धि से अधिक है। इस क्षेत्र में राज्य का देश में आठवां स्थान है।
उन्होंने कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान ऋण वितरण में 13.89 प्रतिशत और जमा में 8.45 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है। इस वित्तीय वर्ष के लिये 1 लाख 47 हजार 618 करोड़ की वार्षिक योजना बनायी गयी है।

www.krishakjagat.org
Share