सोशल मीडिया से जुड़ा मध्यप्रदेश का निर्वाचन कार्यालय

आगामी विधान सभा निर्वाचन 2018 को दृष्टिगत रखते हुए मध्यप्रदेश का मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय सोशल मीडिया के माध्यम से जुड़ रहा है। समाज में सोशल मीडिया की स्वीकार्यता को आधार मानते हुए अधिक से अधिक व्यक्तियों तक निर्वाचन प्रक्रिया की जानकारी पहुंचाने के लिए CEOMP Election 2018 के नाम से ट्वीटर अकाउन्ट एवं यू-ट्यूब चैनल प्रारंभ किए गए है। साथ ही CEOMP SVEEP के नाम से फेसबुक अकाउन्ट प्रारंभ किया गया है।

आगामी निर्वाचन प्रक्रियाओं से समाज के हर वर्ग को जोडऩे तथा निर्वाचन प्रक्रियाओं की जानकारी आम जनता को सहज एवं सरल रूप से प्रदान करने के लिए सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, ट्वीटर एवं यू-ट्यूब पर कार्यालय मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मप्र द्वारा पृथक-पृथक अकाउन्ट प्रारंभ किये गये हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से मतदाता सूची के नाम जुड़वाने, कटवाने एवं युवा वर्ग जो कि अपनी 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके हैं उनके नाम मतदाता सूची में शामिल करने के संबंध में जानकारी प्रदान करने हेतु अकाउन्ट बनाये गये हैं। साथ ही इनके माध्यम से निर्वाचन की विभिन्न प्रक्रियाओं जैसे EVM, WPAT मशीन का उपयोग कैसे किया जाये। इसकी भी जानकारी दी जावेगी। दिव्यांग मतदाताओं हेतु निर्वाचन आयोग द्वारा प्रदत्त सुविधाओं का प्रचार-प्रसार भी सोशल मीडिया के माध्यम से किया जायेगा।

फेसबुक पर CEOMP SVEEP के नाम से तथा ट्विटर पर CEOMP Election 2018 नाम से कार्यालय मुख्य निर्वाचन पदाधिकार मप्र सर्च किया जा सकता है। इसी प्रकार यू-ट्यूब पर एक चैनल CEOMP Election 2018 के नाम से प्रारंभ किया गया है।

बी.एल.ओ. सुपरवाईजर के संबंध में टीप

भारत निर्वाचन आयोग के पत्र क्रमांक 23/BLO/2018-ERS दिनांक 4-5-2018 के द्वारा बी.एल.ओ. सुपरवाईजर की नियुक्ति, कर्तव्य एवं दायित्वों, प्रशिक्षण, जांच एवं मूल्यांकन के संबंध में निर्देश जारी किये गये हैं।
आयोग द्वारा निर्देशित किया गया है कि बी.एल.ओ. द्वारा किये जा रहे कार्य का नियमित रूप से मूल्यांकन करने हेतु पर्यवेक्षक नियुक्त किया जावे, जो कि क्लास सेकेण्ड ऑफिसर हो।
प्रत्येक 10 बी.एल.ओ. के ऊपर एक सुपरवाईजर नियुक्त किया जाना है ताकि वह बी.एल.ओ. द्वारा किये जा रहे कार्य की बारीकी से निगरानी करे।
बी.एल.ओ. सुपरवाईजर को प्रतिवर्ष पारिश्रमिक की राशि रूपये 12000/- (रूपये बारह हजार) मानदेय दिये जाने के संबंध में वित्त विभाग ने यू.ओ. क्रमांक 642/आर-482/18 दिनांक 31.07.2018 द्वारा सहमति दी गई है, जिसके अनुसार स्वीकृति दिनांक से बी.एल.ओ. सुपरवाईजर को रूपये 12000/- वार्षिक मानदेय प्राप्त होगा।
वर्तमान में राज्य में 65340 मतदान केन्द्र हैं, जिनमें प्रति 10 मतदान केन्द्र पर एक बी.एल.ओ सुपरवाईजर आयोग के निर्देशानुसार नियुक्त किये गये है। बी.एल.ओ. सुपरवाईजर पर होने वाला व्यय केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा आधा-आधा वहन किया जावेगा।

एस.एम.एस. के माध्यम से नामावली/ मतदान केन्द्र के सम्बंध में जानकारी

51969 पर एसएमएस भेजने की सुविधा उपलब्ध की गई है जिस पर एसएमएस भेजने पर निर्वाचक/मतदाता की जानकारी जैसे विधानसभा क्षेत्र क्रमांक, मतदान केन्द्र क्रमांक एवं नाम, मतदाता का नाम, नातेदार के नाम की जानकारी प्राप्त होगी।

MP<Space>EPIC<Space>EPIC Number टाईप 51969 पर भेजे।
उदाहरण के लिए MP EPIC UKL 1480110
यह सुविधा पहले केवल बीएसएनएल पर ही उपलब्ध थी। वर्तमान में यह सुविधा अन्य सभी सर्विस प्रोवाइडर पर भी उपलब्ध है। एसएमएस के माध्यम से आप अब अपने मतदान केन्द्र को चिन्हित कर सकेंगे एवं अपने वर्तमान स्थान से आपके मतदान केन्द्र तक का मार्ग भी देख सकेंगे।

ईव्हीएम एवं व्हीव्हीपीएटी की फर्स्ट लेवल चैकिंग (एफएलसी)

  • राज्य में 8.2 प्रतिशत् बैलेट यूनिट, 9 प्रतिशत् कन्ट्रोल यूनिट तथा 75.27 प्रतिशत् व्हीव्हीपीएटी की एफएलसी का कार्य पूर्ण हो चुका है।
  • राज्यों के 51 जिलों में से 31 जिलों में ईव्हीएम एवं व्हीव्हीपीएटी की फस्र्ट लेवल चैकिंग का भारत इलेक्ट्रानिक्स लिमिटेड (बीईएल) के इंजीनियर्स द्वारा पूर्ण किया जा चुका है।
  • शेष 20 जिले:- शहडोल, सागर, ग्वालियर, रीवा, इन्दौर, उज्जैन, जबलपुर, विदिशा, देवास, अशोकनगर, बड़वानी कटनी, मण्डला, रतलाम, खण्डवा, सीहोर, आगर-मालवा, नरसिंहपुर, भिण्ड एवं दतिया में एफएलसी का कार्य प्रगति पर हैं। जो लगभग एक सप्ताह में पूर्ण हो जावेगा। वर्तमान में बीईएल बैंगलूरु के 141 इंजीनियरों द्वारा इन जिलों में एफएलसी का कार्य किया जा रहा है।

www.krishakjagat.org

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Share