जैविक कपास उत्पादन में म.प्र. आगे : श्री बिसेन

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जैविक कपास पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन

(विशेष प्रतिनिधि)
भोपाल। किसान-कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन ने कहा है कि मध्यप्रदेश आर्गेनिक कॉटन के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में गिना जाता है। दुनिया के आर्गेनिक कॉटन के कुल उत्पादन का 25 प्रतिशत उत्पादन मध्यप्रदेश में होता है। इसलिये प्रदेश में पैदा होने वाले आर्गेनिक कॉटन की राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय-स्तर पर बेहतर मार्केटिंग की आवश्यकता है। श्री बिसेन ने गत दिनों जैविक कपास पर आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में यह बात कही। सम्मेलन में कृषि उत्पादन आयुक्त श्री पी.सी. मीना भी उपस्थित थे।
श्री बिसेन ने कहा कि मेडिकल के क्षेत्र में आर्गेनिक कॉटन की माँग बढ़ी है। प्रदेश के निमाड़ क्षेत्र की उत्कृष्ट कपास उत्पादन के लिये देशभर में विशिष्ट पहचान है। पिछले तीन-चार वर्षों में निमाड़ क्षेत्र में आर्गेनिक कॉटन उत्पादन में किसानों ने रुचि दिखाई है।
प्रमुख सचिव कृषि डॉ. राजेश राजौरा ने कहा कि खरगोन, बड़वानी, झाबुआ और निमाड़ के कुछ जिलों में उत्कृष्ट स्तर का आर्गेनिक कॉटन उत्पादित किया जा रहा है। प्रमुख सचिव ने बताया कि आर्गेनिक कॉटन की बदौलत जैविक उत्पाद निर्यात को 600 करोड़ से बढ़ाकर 1000 करोड़ रुपये तक पहुँचाया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि मण्डला में जैविक कृषि संस्थान, जबलपुर में जैविक उत्पाद टेस्टिंग सेंटर और खण्डवा में आर्गेनिक कॉटन शोध संस्थान शुरू किये जा रहे हैं। सम्मेलन को प्रतिभा सिंटेक्स के सीईओ श्री श्रेयस्कर चौधरी, सी एण्ड ए फाउण्डेशन की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सुश्री लेसली जॉनस्टॉन ने भी संबोधित किया।
आर्गेनिक कॉटन सम्मेलन में तीन सत्रों में कृषि विशेषज्ञों और प्रगतिशील किसानों ने कपास उत्पादन और उसकी मार्केटिंग के बारे में विचार रखे। संचालक किसान-कल्याण श्री मोहन लाल ने जैविक खेती के लिये तैयार किये गये क्लस्टर की जानकारी दी। सम्मेलन का आयोजन किसान-कल्याण तथा कृषि विकास विभाग और सी एण्ड ए फाउण्डेशन ने किया।

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