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भावान्तर भुगतान योजना – तप रही योजना को ठंडे ठिकाने की तलाश, 25 नवम्बर तक पंजीयन कराने का मौका

(विशेष प्रतिनिधि)
भोपाल। प्रदेश में कम वर्षा की स्थिति और सूखे के बीच तप रही भावान्तर भुगतान योजना को किसी ठंडे ठिकाने की तलाश है। सरकार को उम्मीद है यह ठिकाना तापमान में गिरावट आने के साथ-साथ धीरे-धीरे मिलेगा, जब किसान गेहूं की बोनी में व्यस्त होगा। सरकार ने इस योजना में दोबारा पंजीयन कराने के लिए 25 नवम्बर तक तिथि बढ़ा दी है तथा सत्यापन कराने के बाद 30 नवम्बर तक पंजीयन क्रमांक देने का आश्वासन दिया है। मंडी में क्रय-विक्रय की प्रक्रिया भी तय की है तथा छिंदवाड़ा एवं सिवनी जिले के लिए मक्का की औसत उत्पादकता तय की गई है। ज्ञातव्य है कि कृषि जलवायु क्षेत्र के मुताबिक राज्य में जिलों की औसत उत्पादकता तय की गई है परंतु इन दो जिलों में खरीफ 2017 में मक्का की औसत उत्पादकता अलग से तय की गई है।

30 नवम्बर तक मिल जायेगा
पंजीयन क्रमांक
भावांतर भुगतान योजना में गत 15 से 25 नवम्बर तक पंजीयन करवाने वाले किसानों को सत्यापन होने पर 30 नवम्बर तक योजना का पंजीयन क्रमांक जारी कर दिया जायेगा। राज्य शासन ने योजना के अपंजीकृत किसानों को पंजीयन करवाने का एक और मौका दिया है।
अपंजीकृत किसान यह पंजीयन 3500 प्राथमिक कृषि सहकारी साख संस्थाओं पर आवश्यक दस्तावेज भू-अधिकार पुस्तिका, खसरा/ खतौनी की नकल, मतदाता परिचय-पत्र तथा बैंक पासबुक की कॉपी के साथ अपना मोबाइल नम्बर अंकित कराकर करवा सकते हैं। आवेदन में दर्शायी गयी फसल के क्षेत्र की पुष्टि राजस्व/कृषि विभाग के मैदानी कर्मचारियों से करवायी जायेगी। यह सत्यापन होने पर 30 नवम्बर तक भावांतर भुगतान योजना का पंजीयन क्रमांक किसान को जारी कर दिया जायेगा।
इसके अलावा 15 से 25 नवम्बर की अवधि में जो किसान पंजीयन के पहले अपनी फसल की मण्डी प्रांगण में खरीदी-बिक्री कर चुके हैं, वे भी योजना का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।
मण्डी में क्रय-विक्रय की प्रक्रिया तय
भावान्तर भुगतान योजना में 15 से 25 नवम्बर के मध्य पंजीयन करवाने वाले किसानों के लिये मण्डी में क्रय-विक्रय और भावान्तर राशि के भुगतान की प्रक्रिया तय कर दी गई है। प्रक्रिया के अनुसार योजना के पोर्टल पर इस अवधि में पंजीयन कराने वाले कृषकों को पृथक पंजीयन सीरीज दी गई है। यह सीरीज नम्बर सात (7) से चालू होती है।
ऐसे पंजीकृत कृषक को मण्डी प्रांगण में अपनी पंजीकरण पर्ची के साथ आधार कार्ड की छायाप्रति लाना जरूरी होगा। मण्डी प्रशासन यह सत्यापित करेगा कि जिस किसान के नाम पर पंजीकरण पर्ची है उसी के द्वारा आधार कार्ड पर लगे फोटोग्राफ अनुसार ही फसल की मण्डी प्रांगण में बिक्री की गई है। इस नई सीरीज के पंजीकृत कृषक के स्थान पर अन्य व्यक्ति द्वारा मण्डी प्रांगण में कृषि उपज की नीलामी कराए जाने की स्थिति में योजना का लाभ प्राप्त नहीं होगा। योजना का लाभ उसी पंजीकृत किसान को मिलेगा जो अपने कृषि उत्पाद का मण्डी प्रांगण में विक्रय के लिये स्वयं उपस्थित होगा। मण्डी प्रशासन अन्य अभिलेखों के साथ-साथ आधार कार्ड की सत्यापित छायाप्रति संधारित एवं सुरक्षित रखेगा।
ऐसे पंजीकृत किसानों को लायसेंसी क्रेता व्यापारी द्वारा आरटीजीएस/एनईएफटी से पूरा भुगतान किया जाना जरूरी होगा। नगद अथवा चैक से किया गया भुगतान मान्य नहीं होगा। योजना के पोर्टल पर मण्डी प्रशासन पंजीकृत किसान की विक्रय संबंधी जानकारी को तभी अपलोड करेगा जब आरटीजीएस/एनईएफटी से भुगतान के प्रमाण प्राप्त कर लिये गये हों। जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित भुगतान समिति ऐसे प्रकरणों के सूक्ष्म परीक्षण के बाद योजना की विक्रय अवधि की समाप्ति पर योजना की देय राशि किसानों के पंजीकृत खातों में जारी करने का निर्णय करेगी।

छिन्दवाड़ा और सिवनी जिले के लिये मक्का की औसत उत्पादकता तय
भावांतर भुगतान योजना में खरीफ.-2017 में मक्का की औसत उत्पादकता छिन्दवाड़ा जिले के लिए 49 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तथा सिवनी जिले के लिए 43 क्विंटल प्रति हेक्टेयर रहेगी।

 

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