दो किलो से अधिक वजनी ड्रोन पर लेना होगा लायसेंस

देश में दिसम्बर से लागू होगी नई ड्रोन पॉलिसी

नई दिल्ली। कृषि, स्वास्थ्य और आपदा राहत मैपिंग, सर्वेक्षण एवं तस्वीरें लेने जैसे कार्यों के लिए ड्रोन (मानवरहित विमान) के व्यावसायिक इस्तेमाल के नियम तय हो गए हैं। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, 1 दिसंबर से लागू इन नियमों के तहत ड्रोन के जरिये खाद्य सामग्री समेत कोई भी भारी वस्तु नहीं भेजी जा सकती।

विमानन मंत्रालय ने गत दिनों ड्रोन नीति 2018 जारी की जिसमें निजी ड्रोन का परिचालन सिर्फ दिन में ही किए जाने का प्रावधान है। दिसंबर से ड्रोन तकनीक के व्यावसायिक इस्तेमाल की मंजूरी सिर्फ विजुअल लाइन ऑफ साइट (जहां तक नजर देख सके) के लिए मिली है। आमतौर पर नजर की पहुंच 450 मीटर तक होती है। मंत्रालय के मुताबिक, हालांकि इस शर्त को आने वाले वक्त में हटाया भी जा सकता है।

नियमों में कहा गया है कि नैनो ड्रोन और राष्ट्रीय तकनीकी शोध संगठन और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों को छोड़ सभी ड्रोन का पंजीकरण कराना होगा और उन्हें विशेष पहचान संख्या (यूआईएन) दी जाएगी। हवाई अड्डों, अंतरराष्ट्रीय सीमा, तटीय क्षेत्रों, संवेदनशील और अहम सैन्य ठिकानों और दिल्ली के विजय चौक के आसपास से ड्रोन उड़ाने पर रोक रहेगी।

  • 250 ग्राम वजन के ड्रोन बिना पूर्व अनुमति 50 फुट की ऊंचाई तक भर सकेंगे उड़ान
  • इससे अधिक वजन वाले ड्रोन को उड़ाने से पहले हर बार लेनी होगी अनुमति
  • अधिकतम 400 फुट की ऊंचाई तक ही भर सकेंगे उड़ान

ड्रोन का पंजीकरण कराने के बाद इसे डिजिटल स्काई प्लेटफॉर्म के जरिये डिजिटल तरीके से उड़ाया जा सकता है। पंजीकृत ड्रोन का संपर्क स्थानीय पुलिस से बना रहेगा और पुलिस से अनुमति नहीं होने पर उसे नहीं उड़ाया जा सकता। विमानन राज्यमंत्री श्री जयंत सिन्हा ने बताया कि अभी इसका परीक्षण चल रहा है। इसके सफल रहने पर दूसरी बार जारी नियमन में ड्रोन से खाद्य सामग्री की आपूर्ति पर भी विचार किया जा सकता है।

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय द्वारा जारी ड्रोन नीति के अनुसार ड्रोन को वजन के हिसाब से चार हिस्सों में वर्गीकृत किया गया है। सबसे हल्की श्रेणी यानी नैनो का वजन 250 ग्राम होगा और यह अधिकतम 50 फुट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है। इसे उड़ाने के लिए पूर्व मंजूरी नहीं लेनी होगी। लेकिन 250 ग्राम से भारी ड्रोन के लिए हर बार उड़ान से पहले सुरक्षा मंजूरी लेनी होगी। दूसरी श्रेणी माइक्रो ड्रोन की है इसका वजन 2 किलो तक होगा। यह 200 फिट ऊंचाई तक उड़ान भर सकेगा। तीसरी श्रेणी स्मॉल मीडियम ड्रोन 2 किलो से 25 किलो तक तथा चौथी श्रेणी लार्ज मीडियम ड्रोन 25 किलो से 150 किलो वजन का होगा।

मंजूरी नहीं तो उड़ान नहीं सॉफ्टवेयर प्रोग्राम के जरिये उपयोगकर्ता डीजीसीए, गृह मंत्रालय, सुरक्षा एजेंसियों, भारतीय वायु सेना से सभी तरह के लाइसेेंस ले सकेंगे।

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