कृषि विस्तार में भी अग्रणी रासी सीड्स

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इंदौर। देश की अग्रणी बीज निर्माता कंपनी रासी सीड्स एक अनुसंधान करने वाली कंपनी है और इसीलिये कंपनी के चैयरमेन डॉ. रामासामी को तमिलनाडु एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के द्वारा पीएचडी की डिग्री प्रदान की गई है। कंपनी ने आतुर में देश का पहला बायोटेक्नालॉजी का आधुनिक रिसर्च सेंटर भी बनाया है। रासी सीड्स के उच्च गुणवत्ता वाले बीज सर्वप्रथम रासी-2 का नाम आता है, जिससे मध्य और दक्षिण भारत के कपास की खेती करने वाले किसानों की उपज में भारी बढ़ोत्ती हुई।
कम्पनी ने किसानों की बदलती आवश्यकता एवं निरंतर शोध करते हुए कई किस्मों का विकास किया। जिसमें नाम आता है आरसीएच-659 का यह एक मध्यम अवधि की किस्म है।
आरसीएच-659 एक बड़े और वजनदार डेंडू तथा उच्च उत्पादन देने वाली किस्म है। अनेक किसान ने निमाड क्षेत्र में इस किस्म से 15-20 क्विंटल / एकड़ की पैदावार ली है, इसी के साथ आरसीएच-659 की एक और खासियत है कि इसके डेंडू का फुटाव बहुत ही अच्छा है। रासी सीड्स ने इस वर्ष दो और नई किस्मों को लांच किया है जिनका नाम रासी नियो और मेगना है, यह दोनों किस्म भी मध्यम अवधि और अधिक पैदावार देने वाली किस्म है, लेकिन रासी नियो हल्की से मध्यम मिट्टी के लिए उपयुक्त है। रासी सीड्स की कृषि विस्तार गतिविधियां म.प्र. में कम्पनी के स्टेट हेड श्री गोविंद सिंह एवं क्रॉप मैनेजर श्री अखिल प्रताप सिंह के निर्देशन में संचालित की जाती हैं।
इसके अलावा कंपनी ने किसानों को सर्विस देने के लिए इंदौर रीजनल ऑफिस में किसान कॉल सेंटर भी खोल रखा है। दो वर्ष पूर्व कंपनी ने एक और नया प्रोजेक्ट म.प्र. में शुरू किया है जिसका नाम रासी मित्र है, इसके अंतर्गत कंपनी ने हर गांव में 4-5 किसानों को रासी मित्र नियुक्त किया है।

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