किशोर बने किसानों के लिए प्रेरणा स्त्रोत

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बालाघाट जिले में मुख्य रूप से धान की फसल होती है। इस जिले में सब्जियों की आवक छिंदवाड़ा जिले से होती है। बालाघाट जिले के किसान धान की खेती के साथ ही सब्जियों की खेती करें तो उन्हें अच्छा खासा लाभ हो सकता है और उनकी माली हालत में सुधार हो सकता है। बालाघाट जिला मुख्यालय से लगभग 6 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम नैतरा के निवासी सब्जियों की खेती करने वाले किसान दूसरे किसानों के लिए प्रेरणा स्त्रोत बन गये हैं।
किशोर रनगिरे के पास कुल मिलाकर 8 एकड़ खेती की जमीन है। इस जमीन में वह मुख्य रूप से सब्जियों की ही खेती करते हैं। उन्हें उद्यान विभाग के अधिकारी श्री एस हरिनखेड़े का सतत मार्गदर्शन मिलता रहता है। उद्यान विभाग की योजना में मिले अनुदान का लाभ उठाकर उन्होंने 8 साल पहले अपने खेतों में ड्रिप सिंचाई प्रणाली लगायी थी। अब भी उनके खेत में यह ड्रिप सिंचाई प्रणाली अच्छे से काम कर रही है।
किशोर रनगिरे के 3 एकड़ खेत में इन दिनों पत्ता गोभी की फसल लगी है। इसके अलावा वे गर्मियों में तैयार होने वाली करेला, ककड़ी, खरबूज, टमाटर, लौकी, मिर्च की फसल लगाने की तैयारी कर रहे हैं। किशोर ने बताया कि सब्जियों की खेती धान की तुलना में अधिक मुनाफा देती है। वे हर दिन बालाघाट मंडी में नगद में अपने खेत की फसलों को थोक में व्यापारियों को बेच देते हैं। उन्होंने बताया कि उनके खेत में पत्तागोभी के 80 हजार पौधे लगे हैं और हर पौधे में लगभग एक किलोग्राम वजन की गोभी तैयार होगी।
किशोर रनगिरे ने बताया कि वे अपने खेतों में धान की खेती की केवल अपने परिवार के खाने लायक धान पैदा करने के लिए करते है और शेष खेतों में सब्जियों की खेती करते हैं। सब्जियों की खेती से उनके परिवार का गुजारा अच्छी तरह से चलता है। उन्होंने बताया कि उनका एक बेटा बीई की पढ़ाई कर चुका है और एक बेटा बीसीए की पढ़ाई कर रहा है।

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