अपनी बात

कीट-रोग से करें सरसों की सुरक्षा

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कीट नियंत्रण इस समय सरसों में चित्रित कीट व माहू कीट का प्रकोप होने का डर ज्यादा रहता है। इस में शुरू में फसलों के छोटे पौधों पर आरामक्खी की गिडारें (काली गिडार व बालदार गिडार) नुकसान पंहुचाती हैं। ..

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जायद में लगाएं मूंगफली

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भूमि का चयन एवं तैयारी  मूंगफली की खेती के लिये दोमट, बलुआर दोमट या हल्की दोमट मिट्टी उपयुक्त रहती है। गर्मियों में मूंगफली, आलू, मटर, सब्जी मटर तथा राई की कटाई के बाद खाली खेतों में सफलतापूर्वक की ..

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सौंफ के रोग एवं रोकथाम

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छाछिया (पाउडरी मिल्ड्यू): यह रोग 'इरीसाईफी पोलीगोनी' नामक कवक से होता है। इस रोग में पत्तियों, टहनियों पर सफेद चूर्ण दिखाई देता है जो बाद में पूर्ण पौधे पर फैल जाता है। अधिक प्रकोप से उत्पादन एवं गुणवता कमजोर ह..

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मेहंदी की खेती

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उत्पादक क्षेत्र - मेहंदी पूरे भारत वर्ष में पायी जाती है। राजस्थान में पाली जिले का सोजत व मारवाड़ जंक्शन क्षेत्र वर्षो से मेहंदी के व्यवसायिक उत्पादन का मुख्य केन्द्र है। यहां करीब 40 हजार हेक्टर भूमि पर मेहंदी ..

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पाले से फसलों को बचाने की नई तकनीक

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इंदौर। गत दिनों  प्रदेश के कई जिलों में अत्यधिक ठंड पडऩे के कारण पाला पड़ गया था जिससे चना, मटर और आलू की फसल को बहुत नुकसान हुआ। इस बीच छतरपुर जिले में पाले से उच्च किस्म की महंगी फसलों को बचाने की एक नई तकनीक ने ध..

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फलदार पौध से दोगुनी होगी कृषकों की आमदनी

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रायसेन। नीति आयोग भारत सरकार द्वारा चयनित आकंाक्षी जिला विदिशा में सहायक संचालक उद्यानिकी व कृषि विज्ञान केंद्र, रायसेन द्वारा विकासखण्ड- विदिशा, ग्यारसपुर, गंज बासौदा, कुरवाई, नटेरन, लटेरी के 25 ग्रामों में फलद..

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पक्षियों का गांव है राजस्थान का मेनार

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राजस्थान के उदयपुर से 40 किलोमीटर दूर चित्तौडग़ढ़ मार्ग पर एक गांव है- मेनार। वैसे तो यह आम गांवों की तरह है पर पक्षियों से विशेष लगाव के कारण खास बन गया है। देश-दुनिया में पक्षियों के गांव (बर्ड विलेज) के नाम से इसकी पहचान ..

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अधिक लाभ के लिए मिश्रित खेती

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मिश्रित शस्यन के सिद्धान्त:  मिश्रित खेती से और अधिक लाभ प्राप्त करने के लिए कुछ मौलिक सिद्धान्तों का पालन करना अनिवार्य है, जो निम्नलिखित हैं-  विभिन्न फसलों की वृद्धि का क्रम, उनकी जड़ों की ..

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नदी किनारे लगाएं - कद्दू, करेला, लौकी, टिण्डा

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भूमि व खेत की तैयारी : नदी के किनारों पर यदि सुरक्षात्मक उपाय उपलब्ध हों जहां कार्बनिक पदार्थ की मात्रा अच्छी हो एवं जल भराव न हो वहां पर कद्दूवर्गीय सब्जियों को सफलतापूर्वक उगाया जा सकता है। खरबूज को बलुई दोमट म..

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घृतकुमारी बढ़ाए आर्थिक लाभ

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मृदा एवं जलवायु: प्राकृतिक रूप से इसके पौधे को अनउपजाऊ भूमि में उगते देखा गया है। इसे किसी भी भूमि में उगाया जा सकता है। परन्तु बलुई दोमट मिट्टी में इसका अधिक उत्पादन होता है।  उन्नतशील प्रजाति..

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