कम वर्षा की स्थिति में बाजरा लगाना क्या उपयुक्त होगा उन्नत जातियां एवं अन्य कृषि तकनीकी बतायें।

समाधान- इस वर्ष जो स्थिति बन रही है कम वर्षा में बाजरा लगाना अत्यंत लाभकारी होगा। आप निम्न तकनीकी अपनायें।

  • किस्मों में पूसा सफेद, आई.सी.एम.बी. 221, राज 171, पूसा 226, जीजेडआईसी 923, संगम एवं संकर किस्मों में पूसा 23, एम.एच. 312, एच.बी. 67 इत्यादि।
  • 3 ग्राम थाईरम प्रति किलो बीज का उपचार जरूरी है।
  • एक हेक्टर क्षेत्र के लिये 4-5 किलो बीज/हे. की दर से लगेगा।
  • पंक्ति से पंक्ति की दूरी 45 से.मी. तथा बीज अधिक गहराई पर नहीं लगायें तथा अंकुरण उपरांत विरलीकरण करके घने पौधों को हटायें।
  • जहां कहीं भी सिंचाई की व्यवस्था हो वहां 217 किलो यूरिया, 250 किलो सिंगल सुपर फास्फेट तथा 60 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश डालें। असिंचित (वर्षा आधारित) फसल में 100 किलो यूरिया, 125 किलो सिंगल सुपर फास्फेट तथा 30 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश/हे. की दर से डालें। यूरिया की आधी मात्रा, स्फुर, पोटाश की पूरी मात्रा बुआई के समय तथा शेष आधी मात्रा दो भागों में बांट कर विरलीकरण के उपरांत तथा आधी बाल निकलते समय डालें।

– जगदीश तोमर, भिंड

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