गेंदा के फूल की खेती करना चाहता हूं। इसकी खेती की जानकारी देने का कष्ट करें, संकर जाति के बीज कहां से उपलब्ध होंगे।

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समाधान – गेंदे के फूल मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं। यूरोपियन (फ्रेन्च) गेंदा तथा अफ्रीकी गेंदा। फ्रेंच गेंदा के पौधे ऊंचाई में छोटे तथा इनके फूल चमकीले परन्तु छोटे होते हैं। अफ्रीकी गेंदे के फूल के पौधे अधिक ऊंचे तथा उनके फूल आकार में बड़े रहते हैं।

  • फ्रेन्च गेंदे की हाइब्रिड जातियों हारमोनी, जिप्सी, लेमनड्राप, रस्टी रेड, स्टार ऑफ इंडिया, पत्तिल स्प्रे, रेड बोकरो, फ्लेस है।
  • अफ्रीकी गेंदे की जातियां- न्यू अलस्का, एप्रीकार, ग्लीटर, हेप्पीनेस, प्राइम रोज, फिस्टा, यलो सुप्रीम, हवाई, जैक क्लाईमेक्स प्रमुख हैं। ये सभी बाजार में उपलब्ध हैं।
  • अन्य जातियों में एम.डी.यू.-1, पूसा नारंगी, पूसा बसंती प्रमुख हैं।
  • गेंदा सालभर लगाया जा सकता है। इसके लिए सबसे उपयुक्त 15 से 29 डिग्री से. तापक्रम रहता है। बीज की मात्रा 600 से 800 ग्राम प्रति एकड़ लगती है। बीज को बोने के पूर्व एजोस्पाइरिलम (100 ग्राम + 25 ग्राम चावल का मॉड़) से उपचारित कर लें।
  • खेत में 10 टन गोबर की खाद अवश्य दें। इसे 15-15 किलो नत्रजन, फारफोरस व पोटाश देने के पूर्व दें। आवश्यकतानुसार समय-समय पर सिंचाई करते रहें ताकि खेत में नमी बनी रहे। रोपा लगाने के 20 दिन बाद पौधों में मिट्टी चढ़ा दें व निंदाई-गुड़ाई करते रहें।
  • इसमें थ्रिप्स व इल्लियों, मिलीबग, माइट का प्रकोप होता है इसके लिए उपयुक्त कीटनाशक डालें। इसके जडग़लन, काले धब्बे व पत्तियों में धब्बे प्रमुख रोग है। जिन्हें बाविस्टीन (1 ग्राम प्रति लीटर) व डायथेन एम-45 (3 ग्राम प्रति लीटर) से नियंत्रित किया जा सकता है।

– देवराज सिंह, ग्राम-डोहरिया नयापुर, सिरसा, इलाहाबाद (उ.प्र.)

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