कृषक जगत

ग्वारपाठा की खेती करना चाहता हूं, बुआई के तरीके व खाद के बारे में बताएं।

www.krishakjagat.org

समाधान – ग्वारपाठा लगभग सभी भूमियों व जलवायु में उगाया जा सकता है।

  • इसे जड़ांकुरों तथा प्रकन्द कटिंग द्वारा लगाया जाता है। इसके लिए 15 से 20 से.मी. लंबे जड़ाकुरों या प्रकंद कटिंग को 50 से.मी. लाइन से लाइन की दूरी तथा 30 से.मी. पौधे से पौधे की दूरी पर अच्छी तैयार खेत में लगाया जाता है। इनका दो तिहाई भाग जमीन के अंदर दबाया जाता है और एक तिहाई भाग जमीन के बाहर रखा जाता है।
  • बुआई के पूर्व खेत में 200-250 क्विंटल गोबर की सड़ी खाद अच्छी तरह मिला लें। इसी समय 20 किलो नत्रजन, 20 किलो फास्फोरस तथा 20 किलो पोटाश प्रति एकड़ के मान से भी दें।
    द्य रोपाई के तुरंत बाद सिंचाई अवश्य दें। नियमित सिंचाई से इसकी उपज अच्छी मिलती है परंतु खेत में पानी नहीं ठहरना चाहिए।
  • इसकी कई जातियां व किस्में उपलब्ध हैं। उन्नत किस्मों में ए-1, आई. सी.111269, आई.सी.111271 तथा आई.सी. 111280 प्रमुख हैं।

– बंशीलाल धोर्डे, छिंदवाड़ा

FacebooktwitterFacebooktwitter
www.krishakjagat.org

Leave a Reply

 Click this button or press Ctrl+G to toggle between multilang and English

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share