समस्या- अरहर (तुअर) की फसल हरी फली के लिये लेते हैं परंतु फसल में उकठा रोग लग जाता है, कृपया निदान बतायें।

उकटा रोग के कारण अरहर की फसल नहीं ले पा रहा हूं, सुझाव दीजिये।

समाधान-

  • किसी खेत में लगातार वर्षों तक अरहर या अन्य दलहनी फसल लेने से उसमें उकटा रोग की समस्या आ जाती है। यह रोग फ्यूजेरियम नामक फफूंद के कारण होता है। एक बार खेत ग्रसित होने पर यदि 5-6 साल बाद अरहर की फसल दोबारा लगाई जाये तो भी वह ग्रसित हो जाती है।
  • दोबारा अरहर लेने के लिए एक-दो वर्ष तक उसमें ज्वार ले लीजिये तथा बाद में अरहर-ज्वार का फसल चक्र अपनाये। सनई को हरी खाद के रूप में लेने से भी इसका प्रकोप कम किया जा सकता है। नीम, अरंडी की खली का उपयोग भी इसके प्रकोप को कम करता है। द्य ट्राईकोडर्मा फफूंद से उपचार भी कुछ लाभदायक सिद्ध हुआ है। इन उपायों को अपनाकर आप दोबारा अरहर की खेती कर सकते हैं।

– विजय कुमार, आगर-मालवा

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