बरसात में गन्ने की देखभाल कैसे की जाये ताकि नुकसान से बचा जा सके।

समाधान – गन्ना एक नकदी फसल है। बरसात के दिनों में सिंचाई के अलावा अन्य कार्य किये जाते हैं। ताकि उसका रखरखाव ठीक से हो सके और उत्पादन प्रभावित नहीं हो पाये। आप निम्न उपाय करें-

  • वर्षाकाल में उचित नमी का वातावरण बना रहता है। इस कारण कीटों की समस्या बढ़ जाती है। गन्ना का दुश्मन ‘पाइरिल्ला’ का प्रकोप आमतौर पर अधिक पनपता है इसके नियंत्रण के लिये फसल पर पत्तियों पर बिखरे अंडों के समूह को नष्ट करें। तथा मेलाथियान 1 मि.ली./लीटर पानी में घोल बनाकर दो छिड़काव 15 दिनों के अंतर से करें। फोरेट या फ्यूराडान दानेदार दवा की 20-25 किलो मात्रा को खेत में बिखेरें।
  • इससे भी बड़ी समस्या है पौध के गिरने के कारण जड़ों का संबंध जमीन से टूट जाता है और पोषक तत्वों का संचार रुक जाता है। पत्तियों को अच्छी तरह बांध कर पौधों को मजबूती प्रदान करें।
  • इसके अलावा समय मिलते ही (बतर आने पर) मिट्टी चढ़ाने का कार्य भी करें ताकि जड़ों को मजबूती मिल सके।
  • पहली बंधाई जुलाई में, फिर अगस्त में पहली बंधाई से 50 से.मी. ऊपरी भागों को जोड़कर करें।

– सुधीर पवार, बैतूल

www.krishakjagat.org
Share