टमाटर में बेक्टीरिया के कारण मुरझाये हुए पौधों की पहचान कैसे करेंगे?

समाधान

  • टमाटर के पौधों का मुरझाने का मुख्य कारण बेक्टीरियल विल्ट बीमारी है। यह रस्टोनिया (स्युडोमोनास) सोलनेसिरम बेक्टीरिया के कारण होती है।
  • इस बीमारी के कारण पहले कुछ पत्तियां मुरझाती हैं। इस पर हम ध्यान नहीं देते। और अचानक ही पूरा पौधा मुरझाकर सूख जाता है।
  • यह बीमारी वातावरण का तापक्रम 32-40 डिग्री से.ग्रे. तथा भूमि में अधिक नमी में तेजी से फैलती है। प्रकोप कम होने पर ग्रसित पौधों में अनेक जड़ें निकल आती हैं।
  • ग्रसित पौधों में पहले वसकुलर सिस्टम तथा बाद में पिथ व छाल में बदरंगी हो जाती है।
  • इस बीमारी को पहचानने के लिये पौधे को सतह के पास से काटकर शीशे के गिलास में भरे पानी में डुबायें यदि पौधे के कटे हुए भाग से डुबाने के 3-4 मिनट बाद उसमें से सफेद पदार्थ निकलता दिखाई दे तो समझिये की यह बेक्टीरियल विल्ट है। ग्रसित खेतों में तीन वर्ष तक टमाटर, बैंगन, मिर्च, आलू, सूर्यमुखी न लगायें। टमाटर की नई जाति अर्कारक्षक इसके प्रति प्रतिरोधी है।

– बनवारीलाल, बारां (राज.)

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