खेती लाभ का धंधा कैसे बने ?

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भोपाल। मध्य प्रदेश में अमानक फर्टिलाइजर की बिक्री धड़ल्ले से चल रही है। कृषि विभाग डाल-डाल तो अमानक कृषि आदान बेचने वाले पात-पात चल रहे हैं। निर्माता, विक्रेता, समिति सभी बिन्दुओं पर किसान को कैसे घटिया सामग्री दी जाए, इस पर चिंतन, मनन, मंथन चल रहा है। हालांकि इन घटिया खाद माफियाओं के हौसले बुलंद रहते हैं क्योंकि उन्हें पता है कि सरकारी तोपों में भी बारिश का पानी लगी बारूद होती है। बावजूद इन माफियाओं के कृषि विभाग के कुछ अधिकारी मुस्तैदी से अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं और अमानक कृषि आदानों की धर-पकड़ जारी है। इन प्रकरणों का अफसोसजनक पहलू यह है कि इनमें कई नामचीन कंपनियां शामिल है और जो अपना काम निकलवाने के लिए लाल कालीन बिछा देती है और स्वयं भी सरकार के स्वागत में बिछ जाती है। परन्तु इस कवायद से क्या खेती लाभ का धंधा बन सकती है?

कृषक जगत को पूरे प्रदेश से अनेक धर पकड़, प्रतिबंधात्मक कार्यवाही के समाचार मिले हैं। अपने पाठकों को सचेत करने के लिए खास रपट प्रस्तुत है-
खरगोन के उपसंचालक श्री एम.एल. चौहान ने अरिहंत फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल और बीईसी फर्टिलाइजर्स के उर्वरक बिक्री पर प्रतिबंध लगाया है। इन दोनों कंपनियों का एसएसपी तय मानकों से कमतर पाया गया।
खरगोन जिले में इस खरीफ में विभाग ने 25 हजार टन एसएसपी की खपत का लक्ष्य रखा है।खरगोन जिले में इस खरीफ में विभाग ने 25 हजार टन एसएसपी की खपत का लक्ष्य रखा है।इसी प्रकार आगरमालवा में कृषि विभाग के उपसंचालक श्री आर.पी. कनेरिया ने बताया कि गुण नियंत्रण के लिए जिले में सघन निरीक्षण किया जा रहा है। अमानक पाये जाने पर नियमानुसार सख्त कार्यवाही की जायेगी। जिले में कृष्णा फास्फेट लि. मेघनगर का डीएपी, मणीभट्ट ट्रेडर्स आगर से एवं प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था महकोटा, दीपक कुमार एंड ब्रदर्स कानड़ से लिये उर्वरक नमूने अमानक पाये जाने पर कार्यवाही की जा रही है।दूसरी ओर विदिशा में कीटनाशक निर्माता कंपनी रवि क्राप साइंस सिडको सांभा जम्मू कश्मीर का क्लोरोपयरीफॉस बेच नं. जेकेआर/एस 005 सेम्पल हार्टिका एग्रो विदिशा से लिया गया था जो कि अमानक पाया गया जिसे उपसंचालक कृषि श्री पी.के. चौकसे ने जिले में प्रतिबंधित किया।  होशंगाबाद में भी अमानक स्तर का डीएपी उर्वरक पाया गया है। जिले के उपसंचालक कृषि श्री जीतेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि उर्वरक निर्माता मोजेक इंडिया लि. गुडग़ांव तथा इसके विक्रेता सेवा सहकारी समिति रायपुर द्वारा डीएपी के लॉट नं. ए- 03 अमानक स्तर का पाये जाने पर इसके भण्डारण, क्रय विक्रय एवं परिवहन को जिले में प्रतिबंधित किया गया है। वहीं बुरहानपुर में कृभको का उर्वरक डीएपी जिसका लॉट व बेंच नं. जून-2016 और सुरभी कलर केमि.लि. उदयपुर का उर्वरक एसएसपी को तत्काल प्रतिबंधित कर दिया है। वहीं उपसंचालक कृषि ने बताया कि म.प्र. राज्य बीज निगम बुरहानपुर का सोयाबीन बीज गुण नियंत्रण आदेश के प्रावधान के तहत प्रतिबंधित किया है। उन्होंने उक्त उर्वरकों एवं बीज का जिले में क्रय, विक्रय, भंडारण एवं परिवहन पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाया है।

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