डेयरी से हितरलाल कमाते हैं 30 हजार रुपये महीने

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नीमच जिले के कुण्डल ग्राम निवासी हितरलाल डांगी आजकल पशुपालन से 30 हजार रुपये हर महीने कमा रहे हैं। मुख्ममंत्री स्व-रोजगार योजना में मिले 10 लाख रुपये से आधुनिक डेयरी की स्थापना कर हितरलाल जिले के रोल मॉडल बन गये हैं। पहले हितरलाल बीमा अभिकर्ता के रूप में काम कर अपने परिवार का गुजर-बसर कर रहे थे। फिर इन्होंने पशुपालन के बारे में पूरी कार्ययोजना समझी। मनासा पशु चिकित्सालय पहुंचकर मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना के तहत पशुपालन के लिए ऋण प्रकरण तैयार करवाया। तब इन्हें पशु पालन के लिए 10 लाख रुपये का ऋण मिला। इसमें शासन द्वारा दिया गया 2 लाख रुपये का अनुदान भी शामिल था। हितरलाल डांगी ने दो किश्तों में दस मुर्रा नस्ल की भैंस खरीद कर पशुपालन व्यवसाय प्रारंभ किया। पशुओं के लिए आधुनिक पशुशाला तैयार करवाई। चारे के लिए मेन्जर, कुट्टी मशीन, पंखे, पशुओं के नहाने के लिए शॉवर, पक्का फर्श, नालियां तथा मच्छरों से सुरक्षा हेतु शाला में जालियों आदि की सुविधाएं भी जुटाई।
अब बीमा कार्य के साथ-साथ पशुपालन भी कर रहे है हितरलाल। इनकी डेयरी से रोजाना 40-50 लीटर दूध आसानी से बिक रहा है। इस तरह 1500 रुपये प्रतिदिन अतिरिक्त आमदनी हो रही है। इस तरह, हितरलाल डेयरी के सभी खर्च निकाल कर प्रति-माह 25 से 30 हजार रुपये तक आमदनी प्राप्त कर बेहद खुश हैं।
हितरलाल अपनी पावर कुट्टी मशीन से खुद कुट्टी तैयार कर पशुओं को खिलाते हैं, स्वयं ही प्रेशर पाईप से पशुओं को नहलाते भी हैं। पशुपालन से गोबर की पर्याप्त मात्रा खाद में मिल जाती है। इस खाद से अब हितरलाल ने जैविक खेती करने का निश्चय किया है।
पशुपालपन के प्रति हितरलाल की लगन एवं क्षमता को देखते हुए पशुपालन विभाग द्वारा आत्मा योजना के तहत इन्हें गत वर्ष कृषकों के भ्रमण दल के साथ एन.डी.आर.आई. करनाल, मखदुम (बकरी फार्म मथुरा) आदि स्थानों पर भेजकर पशुपालन का नया तकनीकी ज्ञान दिलवाया। आज हितरलाल एक सफल पशुपालक के रूप में स्थापित हो गए हैं।

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