गुलदाऊदी , गुलाब के रोग – नियंत्रण

गुलदाऊदी
भभूतिया रोग
लक्षण

  • इस रोग के फफूंद के कारण सफेद रंग का पाउडर पत्तियों की ऊपरी सतह पर फैला रहता है।
  • रोग के अधिक प्रकोप होने पर पत्तियों की दोनों सतह एवं तने सफेद चूर्णी फफूंद वृद्धि से ढक जाते हैं।

कारक – आडियम क्राईसेन्थिमाय
नियंत्रण

  • कैराथेन या बेनलेट 1 ग्राम प्रति लीटर (0.1 प्रतिशत) का घोल बनाकर पत्तियों पर छिड़काव करें।
  • घुलनशील सल्फर 2 ग्राम प्रति लीटर (0.2 प्रतिशत) का घोल बनाकर पत्तियों पर छिड़काव करें।

सफेद किट्ट
लक्षण

  • पत्तियों की निचली सतह पर छोटे-छोटे फफोले बन जाते हैं।
  • रोग का अधिक प्रकोप होने पर ये फफोले फट जाते हैं और हल्के भूरे स्पोर्स सतह पर फैला जाते हैं।

कारक– पकसिनिया होरिएना
नियंत्रण

  • प्लान्टवैक्स 1 ग्राम एक लीटर पानी में घोलकर पत्तियों पर छिड़काव करें।
  • डाइथेन जेड -78 और डाइथेन एम-45 को भी एक के बाद एक उपयोग कर सकते हैं।

किट्ट रोग
लक्षण-

  • गर्मियों में पत्तियों पर नारंगी रंग के फफोले बनते हैं। जो कि सर्दियों में गहरे भूरे रंग में परिवर्तित हो जाते हैं।
  • ये फफोले पर्णवृत पर भी बनते हैं।

कारक – पकसिमियां क्राईसेन्यिमाय
नियंत्रण

  • रोग के लक्षण दिखते ही डाइथेन जेड -78 2 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोलकर 10-15 दिन के अंतराल से 2 से 3 बार पत्तियों पर छिड़काव करें।

गुलाब

भभूतिया रोग
लक्षण

  • पत्तियों, तने आदि पर सफेद और धूसर रंग के धब्बे बनते हैं। पत्तियों किनारे से ऊपर की तरफ मुडऩे लगती है।
  • फफूंद बहुत ही तीव्र गति से फैलती है और रोगग्रसित भागों में सफेद चूर्ण की परत चढ़ जाती हैं।

कारक – स्पेरियोथिका पेनोसा
नियंत्रण

  • पत्तियों पर कैराथेन 2-3 मिली ग्राम प्रति 10 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें।
  • कैराथेन या बेनलेट 1 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें।
  • घुलनशील सल्फर 2 ग्राम प्रति लीटर (0.2 प्रतिशत) का घोल बनाकर पत्तियों पर छिड़काव करें।
  • यदि ये फफूंदनाशक उपलब्ध न हो तो बोर्डों मिश्रण 5:5:50 का छिड़काव करें।

 

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