इस वर्ष खाद्यान्न का होगा रिकॉर्ड उत्पादन

कृषि मंत्रालय का तीसरा अग्रिम उत्पादन अनुमान

भारत मेंं 2017-18 के रबी सत्र मेंं 986.1 लाख टन रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन की उम्मीद है। इसके साथ ही खरीफ की फसल को मिलाकर कुल खाद्यान्न उत्पादन अब तक के सर्वोच्च स्तर 2,795.1 लाख टन रहने की उम्मीद है, जो पिछले साल की तुलना में 1.59 प्रतिशत ज्यादा है। 2017-18 में खाद्यान्न उत्पादन 2,751.1 लाख टन था। कृषि मंत्रालय की ओर से जारी खाद्यान्न उत्पादन के तीसरे अनुमान के मुताबिक 2017-18 में दलहन का उत्पादन 245.1 लाख टन रहने का अनुमान है, जो पिछले साल के उत्पादन की तुलना में करीब 51.8 लाख टन ज्यादा होगा।

 2017-18 में कृषि उत्पादन (लाख टन में) 
फसल 2016-17 2017-18  % बदलाव
दलहन 231.3 245.1 5.18
तिलहन 312.7 306.4 -2.01
मोटे अनाज 437.7 448.7 2.51
खाद्यान्न 2751.1 2795.1 1.59
कपास 325.1 348.4 7.16
गन्ना 3060.6 3551 16.02
नोट    – तीसरे अग्रिम अनुमान के मुताबिक 
 – कपास लाख गांठ में
                                                    स्रोत-कृषि मंत्रालय   

ज्यादा घरेलू उत्पादन की वजह से आगे आयात में और कमी हो सकती है और देश की इस मामले में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। दलहन के आंकड़ोंं से पता चलता है कि 2017-18 मेंं चना उत्पादन 111.6 लाख टन रहने का अनुमान है, जो पिछले साल की तुलना में 93.8 लाख टन ज्यादा होगा। वहीं उड़द का उत्पादन भी पिछले साल की तुलना में ज्यादा होने की उम्मीद है। रबी सत्र में तिलहन के उत्पादन के आंकड़ों को देखेंं तो सरसों का उत्पादन 80.4 लाख टन रहने की उम्मीद है, जो पिछले साल के 79.1 लाख टन से ज्यादा है।

मांग में कमी के साथ फसल के बंपर उत्पादन के कारण रबी की करीब सभी फसलों के दाम सरकार द्वारा तय न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नीचे हैं। लगातार तीसरे सीजन में ऐसा हो रहा है, जब किसानों को उनके उत्पाद का तय मूल्य नहीं मिल रहा है। करीब सभी रबी फसलों की कीमत एमएसपी से 10-20 प्रतिशत नीचे है। सिर्फ खाद्यान्न में ही नहीं, मोटे अनाज, बागवानी फसलों के दाम भी फसलों के उत्पादन लागत की तुलना में बहुत नीचे हैं। मोटे अनाज का उत्पादन 448.7 लाख टन रहने की उम्मीद है, जो पिछले साल की तुलना मेंं 2.51 प्रतिशत ज्यादा है।
नकदी फसलों मेंं कपास का उत्पादन 348.4 लाख गांठ रहने की उम्मीद है, जो पिछले साल के 325.1 लाख गांठ की तुलना मेंं ज्यादा है। वहीं गन्ने का उत्पादन 3551 लाख टन रहने की उम्मीद है, जो पिछले साल में  3060.6 लाख टन था|

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