दायें से बायें - सर्वश्री एलेसियो रियूलिनी, रिकार्डो सैला, अरुण अरोरा, राहुल चौबे

मास्कियो गास्पारदो – कृषि यंत्रों में तेजी से उभरता नाम

(विशेष प्रतिनिधि)
भोपाल। भारत में कृषि यंत्रीकरण तेजी से बढ़ रहा है। किसानों में यंत्रों के प्रति जागरुकता आ रही है। भारत में ट्रैक्टर पापुलेशन ठीक है पर कृषि यंत्र कम है। सरकारी योजनाओं में भी कृषि यंत्रों को प्रोत्साहन देने से कृषि यंत्रों के प्रसार में असीम संभावनाए हैं। ये विचार इटली की अग्रणी कृषि यंत्र निर्माता कंपनी मास्कियो गास्पारदो के निदेशक श्री एलेसियो रियूलिनी ने भोपाल में कृषक जगत से एक मुलाकात में व्यक्त किए। कार्यक्रम में कंपनी के शीर्ष अधिकारीगण डीलर्स मीट में पधारे थे।

श्री एलेसियो ने बताया कि देश में कृषि यंत्रों के उपयोग एवं प्रसार की असीम संभावनाएं हैं। भारत में मध्य प्रदेश को मास्कियो के कृषि यंत्रों के बाजार का गेटवे मानते हुए श्री एलेसियो ने कहा कि कंपनी द्वारा भारत के किसानों के लिए नवीन तकनीक के कृषि यंत्र, इनोवेटिव डिजाईन के साथ रोटावेटर के अलावा, प्लांटर, मल्चर आदि उपकरण लाए गए हैं।
आपने बताया कि मध्य प्रदेश के किसान एडवांस तकनीक का प्रयोग करते हैं। साथ ही ये प्रगतिशील कृषक देश-विदेश भी कृषि तकनीक अध्ययन के लिए जाते हैं। इसलिए हमारा दायित्व है कि हम उनको विश्वस्तरीय तकनीक वाले कृषि यंत्र दें। म.प्र. में किसान बहुत जागरुक है। इसके अलावा उत्साहजनक बात यह है कि महिला कृषकों में भी कृषि मशीनों के प्रति रुझान दिख रहा है।

प्रमुख बिन्दु
  • ग्रुप टर्न ओवर- 2600 करोड़ रु.
  • भारत में टर्न ओवर-280 करोड़ रु.
  • डीलर नेटवर्क – 250
  • प्लांटिंग से पोस्ट हारवेस्टिंग तक यंत्रों की वृहद श्रृंखला

श्री एलेसियो भारत में मास्कियो के सुदृढ़ भविष्य के प्रति आशान्वित हैं। श्री एलेसियो मास्कियो गस्पारदो के भारत और चीन के निदेशक हैं। एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने भारत और चीन की तुलना करते हुए कहा कि दोनों कृषि यंत्रों के लिए बड़े बाजार हैं। दोनों देशों में लघु और सीमांत कृषक हैं पर चीन में बड़े किसानों के पास 10 हजार एकड़ तक भी कृषि भूमि है, जिससे बड़ी मशीनों का प्रयोग बेहतर होता है। कृषि यंत्रों के लिए खेतों का रकबा बड़ा होना चाहिए जिससे उनका संचालन किफायती हो सके। इस मुलाकात के दौरान कंपनी के मार्केटिंग मैनेजर श्री रिकार्डो सैला भी उपस्थित थे।
श्री अरुण अरोरा
श्री अरुण अरोरा सीसीओ ने बताया कि शासन की कृषि यांत्रिकी योजनाओं, कस्टम हायरिंग सेंटरों में भी मास्कियो के कृषि यंत्र बहुतायत में प्रयोग में आ रहे हैं। वर्ष दर वर्ष मध्य प्रदेश में ग्रोथ तेजी से बढ़ रही है।
श्री अरोरा ने बताया कि देश में मास्कियो के 250 डीलर हैं और अगले 1 वर्ष के भीतर ये संख्या 400 तक हो जाएगी। कंपनी द्वारा पंजाब, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, बिहार आदि प्रदेशों में यंत्रों का विपणन किया जा रहा है। आपने बताया कि अगले दो वर्षों में मास्कियो की मार्केट शेयर में 30-40 प्रतिशत की हिस्सेदारी होगी।
इसी के साथ ही कंपनी द्वारा डीलरों को ट्रेनिंग देने के लिए मास्कियो के पुणे संयंत्र में ट्रेनिंग सेन्टर स्थापित किया गया है। यह अगले माह से प्रारंभ हो जाएगा। इस सेन्टर में किसानों, मैकेनिकों को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही ‘ट्रेनिंग द ट्रेनर’ प्रोग्राम के अंतर्गत ट्रेनर्स को प्रशिक्षण देंगे ताकि वे अपने क्षेत्रों में जाकर अन्य ट्रेनीज को प्रशिक्षण देंगे, जिससे कृषि यंत्रों का सुचारू एवं सफल संचालन हो सके।

www.krishakjagat.org

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Share