बैंकाक कृषि प्रदर्शनी में कृषक जगत भी भागीदार बना

(विशेष प्रतिनिधि)
इंदौर। एग्रीटेक्निका एशिया और हॉर्टी एशिया के संयुक्त तत्वावधान में गत 22 से 24 अगस्त तक बैंकाक में अंतर्राष्ट्रीय कृषि प्रदर्शनी आयोजित की गई, जिसमें एशिया में टिकाऊ कृषि विकास और नवाचार पर जोर दिया गया। इसमें भारत से भी कृषि उद्योग के निर्माता, विक्रेता और प्रगतिशील किसान शामिल हुए। इसमें कृषक जगत के प्रतिनिधि मण्डल ने भी शिरकत की।

दक्षिण पूर्व एशिया में कृषि वृद्धि में तेजी लाने के उद्देश्य से आयोजित की गई इस प्रदर्शनी में 29 देशों की 400 से अधिक कंपनियों की भागीदारी रही। इस आयोजन में 11 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में चीन, फिनलैंड, जर्मनी, जापान, दक्षिण कोरिया, नीदरलैंड और ताईवान देशों के साथ भारतीय कंपनियों के भी पैवेलियन स्टॉल लगाए गए। जिसमें कृषि के नवाचार और प्रौद्योगिकी का प्रदर्शन किया गया।

इस महत्वपूर्ण कृषि प्रदर्शनी में कृषक जगत की भी भागीदारी रही। प्रतिनिधि मंडल में प्रगतिशील कृषक और उद्योगपति भी शामिल हुए। डेलीगेट्स को कृषि प्रदर्शनी में अंतर्राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी से दक्षता और कृषि उपज में वृद्धि कैसे करें इसकी जानकारी मिली। प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों ने वैश्विक गुणवत्ता के मानकों तक पहुंचने के लक्ष्य के लिए इसे एक अच्छा अवसर बताया। इस मौके पर एक तकनीकी संगोष्ठी का भी आयोजन किया गया जिसमें करीब 200 से अधिक विशेषज्ञ शामिल हुए।

डीएलजी इंटरनेशनल जीएमबीएच के सुपरवाइजरी बोर्ड के चेयरमेन श्री पीटर ग्रौथ्यूज ने जानकारी दी कि इस वर्ष से एग्रीटेक्निका एशिया पहला एग्रीफ्यूचर मंच आरम्भ करेगा। इस विश्व स्तरीय अंतर्राष्ट्रीय मंच पर विश्व के विशेषज्ञ खेती की सर्वोत्तम कार्यमालाओं, ड्रोन प्रौद्योगिकी, सटीक खेती तकनीक और कृषि मशीनरी के मॉडल भी साझा करेंगे। इसके अलावा संगोष्ठी और पैनल चर्चाओं में डिजिटल खेती, चावल उत्पादन की सटीक खेती और हाईटेक मशीनरी के उपयोग की सफलता, एशिया प्रशांत क्षेत्र में कृषि उद्योग के प्रासंगिक विषयों के साथ ही उद्यानिकी उत्पादों की गुणवत्ता पर सम्मेलन आयोजित किया गया। जिसमें पोस्ट हार्वेस्ट टेक्नालॉजी के साथ वैल्यू एडीशन की जानकारी दी गई जिसमें खेत से उपभोक्ता तक की कडिय़ों पर विचार किया गया।

Thailand-1

www.krishakjagat.org

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