burhanpur

किसानों को बाजार से भी जोडऩा होगा : श्रीमती चिटनिस

कार्यशाला में अलग-अलग राज्यों से आये वैज्ञानिकों ने दी कृषि संबंधी जानकारी

(जयकुमार गंगराड़े)
खुशी की बात है कि बुरहानपुर जिले में जितनी सिंचाई होती है, उसका 60 प्रतिशत ड्रिप सिंचाई पद्धति होती हैं, यहां तक कि चने की फसल में ड्रिप का उपयोग हो रहा हैं। जिसका उदाहरण वैज्ञानिक देखकर आये हैं। यह बात प्रदेश सरकार की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस ने जिले में पहली बार भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् की क्षेत्रीय कार्यशाला के समापन अवसर पर कही। कार्यशाला में तीन दिवस तक अलग-अलग राज्य में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ एवं उड़ीसा सहित अन्य राज्यों से आए कृषि वैज्ञानिकों ने कृषकों को जानकारी दी। उन्होनें किसानों से पानी बचाने का संदेश देते हुए कहा कि पानी करेंगे खर्च कम पर कमायेंगे भरपूर। कम पानी वाली फसल के लिये किसानों को प्रेरित किया जाये।
इस अवसर पर भारतीय कृषि अनुसंधान नईदिल्ली के महानिदेशक डॉ.त्रिलोचन महापात्रा ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि यहां कृषि क्षेत्र में हुए नवाचारों कार्यो का डाक्यूमेंटेशन किया जाये। साथ ही जिले में कृषि क्षेत्र में किये गये सराहनीय कार्यो के वीडियो और ऑडियो को कृषि विज्ञान केन्द्र के पोर्टल पर अपलोड किया जाये तो दूसरे राज्य के किसान भाई भी इसका अनुसरण कर सकें। इस अवसर पर उप महानिदेशक डॉ.ए.के.सिंह, कलेक्टर श्री दीपक सिंह, कृषि विज्ञान केन्द्र से डॉ.अजीत सिंह सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

www.krishakjagat.org
Share