अश्वगंधा कालमेघ

अश्वगंधा कालमेघ की खेती करें किसान

जबलपुर। जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय स्थित कृषि महाविद्यालय के पादप कार्यिकी विभाग द्वारा विज्ञान एवं तकनीकी विभाग विज्ञान एवं तकनीकी मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली एवं अखिल भारतीय समन्वित औषधीय सगंधीय एवं पान अनुसंधान परियोजना, भाकृअप नई दिल्ली परियोजनाओं के अतंर्गत जनजातीय क्षेत्र के कृषकों के लिये औषधीय पौधों की उन्नत कृषि प्रसंस्करण, मूल्य वर्धन एवं संरक्षण तकनीक पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें अश्वगंधा, कालमेघ, सतावर की उन्नत कृषि तकनीक, उनके रोग व्याधि नियंत्रण, औषधीय पौधों की कृषि किस प्रकार की जाती है आदि विषयों पर आचार्य एवं विभागाध्यक्ष डॉं. ए.एस. गोंटिया, डॉं. एस. डी. उपाध्याय, डॉं. एस. के. द्विवेदी, डॉं. अनुभा उपाध्याय, डॉं. ज्ञानेन्द्र तिवारी, डॉं. विभा, रंजीत धाकड़ एवं डॉं. प्रीति नायक द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन समारोह में अधिष्ठाता कृषि संकाय डॉं. पी के मिश्रा, संचालक अनुसंधान एवं शिक्षण डॉं. धीरेन्द्र खरे, अधिष्ठाता डॉं. ओम गुप्ता ने इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त किये।

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