किसानों का देशव्यापी गांव बंद आंदोलन शुरू

 

(विशेष प्रतिनिधि)

भोपाल/नई दिल्ली/मुंबई। फसल और उत्पादों के वाजिब दाम, कर्ज माफी और दूसरी मांगों को लेकर किसानों ने देशव्यापी गांव बंद आंदोलन शुरू कर दिया है। उनका यह आंदोलन 10 दिन तक चलेगा आंदोलनकारियों ने कई जगह सड़कों पर फल-सब्जी और दूध फैलाकर विरोध प्रदर्शन किया। इस कारण आंदोलन के पहले ही दिन कुछ राज्यों में फल-सब्जी, दूध और दूसरे खाद्य पदार्थों की आपूर्ति रूकती दिखी, जिसका असर उनकी कीमतों पर भी नजर आया। कारोबारियों के मुताबिक अगर 10 दिन तक हालात ऐसे ही रहे तो फलों, सब्जियों, दूध और खाने-पीने के दूसरे सामान की कीमतों में तेज उछाल आ सकता है।

किसानों ने सरकार पर दबाव डालने और अपनी मांगें पूरी कराने के लिए पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों तथा मंडियों में आवश्यक उत्पादों की आपूर्ति ही रोक दी। पंजाब में तो किसानों ने हजारों लीटर दूध सड़कों पर बिखेर दिया और सब्जियां भी रास्तों में डाल दीं। इस कारण वहां की मंडियों में फल और सब्जियों की आवक करीब 80 फीसदी कम हो गई। पड़ोसी राज्य हरियाणा में भी इन वस्तुओं की आवक 50 फीसदी घट गई।

10 जून को भारत बंद का आव्हान

मध्यप्रदेश में भी आंदोलन का असर देखा गया और वहां कुछ मंडियों में सब्जियों की आवक एकदम कम हो गई। मध्यप्रदेश में प्रशासन ने खासी सतर्कता बरती है। और कुछ हिस्सों में धारा 144 भी लगा दी है ताकि आंदोलनकारियों का जमावड़ा नहीं होने पाए।

किसानों की मांगें
  • किसानों को लागत का डेढ़ गुना मूल्य मिले।
  • स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश लागू करें।
  • देश के सभी किसानों का कर्ज माफ करें।
  • अत्यंत लघु किसान जो मंडी नहीं पहुंच पाते उनके जीवनयापन के लिये आय सुनिश्चित करें।
  • दूध, फल, सब्जी, आलू, प्याज, लहसुन, टमाटर का लागत के आधार पर डेढ़ गुना समर्थन मूल्य तय करें।
  • फसलों को क्रय करने की गारंटी का कानून बनाएं।

यह आंदोलन राष्ट्रीय किसान महासंघ के बैनर तले हो रहा है, जिसे 130 क्षेत्रीय और राष्ट्रीय किसान संगठनों का समर्थन होने का दावा किया जा रहा है। महासंघ के अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा (कक्काजी) ने कहा कि किसान देश भर के किसानों को कर्ज से पूरी तरह छुटकारा दिलाने, किसानों को उपज का डेढ़ गुना मूल्य दिलाने, अपनी उपज मंडी लाकर बेचने में अक्षम बेहद छोटे किसानों के परिवार की आय सुनिश्चित किए जाने और दूध, फल-सब्जी, आलू, प्याज, लहसुन, टमाटर का लागत से डेढ़ गुना लाभकारी समर्थन मूल्य तय करने की मांग कर रहे हैं।

महासंघ के अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा (कक्काजी) ने कहा कि 22 राज्यों में एक साथ शुरू हुए गांव बंद आंदोलन के अंतिम दिन 10 जून को पूरे देश के किसान संगठन भारत बंद करेंगे। इसमें शहर के व्यापारियों और प्रतिष्ठानों से दोपहर 2 बजे तक अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर किसान आंदोलन में सहयोग प्रदान करने का अनुरोध किया जाएगा।

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