गन्ने में घमासान – सड़कों पर उतरे किसान

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(विशेष प्रतिनिधि)
नरसिंहपुर। गन्ने के दाम को लेकर जिले में मचे घमासान के बीच किसान सड़क पर उतर आए हैं। 350 रुपये प्रति क्विंटल की मांग के बदले मिल मालिकों ने 270 रुपये प्रति क्विंटल पर किसानों को चलता कर दिया है जिससे किसान आक्रोशित हो गए हैं। यह मामला जिले की सीमा को लांघकर अब अदालत तक पहुंच गया है तथा किसानों ने गन्ने की होली जलाकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कीमत बढ़ाने की गुहार लगाई है। कलेक्टर ने रिकवरी के आधार पर 300 रु. प्रति क्विंटल पर गन्ना खरीदी का आदेश दिया है परंतु खरीदी कम भाव पर हो रही है। इस मामले पर राजनीतिक रंग भी चढ़ता जा रहा है। कई संगठन एवं पार्टियां भी किसानों के समर्थन में आ गई हैं उनका आरोप है कि शुगर मिल मालिक मनमानी कर किसानों का शोषण कर रहे हैं। शक्कर रिकवरी का प्रतिशत बढऩे पर कीमत बढ़ाना आवश्यक है। एक समाजसेवी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका भी दायर की है जिसकी सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने जिले में गन्ना कानूनों का पालन न करने पर सरकार से दो हफ्ते में जवाब मांगा है।

भारत सरकार द्वारा वर्ष 2017-18 के लिए गन्ने का एफ.आर.पी. 255 रुपये क्विंटल तय किया गया है। गन्ने में शक्कर की रिकवरी बढऩे पर 26.8 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाना निर्धारित किया गया है। जिले में शक्कर रिकवरी की रिपोर्ट के मुताबिक 11.6 प्रतिशत के आसपास रिकवरी आंकी गई है। इसके मुताबिक जिला प्रशासन ने 300 रु. प्रति क्विंटल देने का आदेश दिया है परंतु मिलें 265-270 रु. प्रति क्विं. पर ही खरीदी कर रही है। और किसान 350 रु. प्रति क्विंटल की गन्ना खरीदी पर अड़े हैं। वहीं बुरहानपुर में नवलसिंह शक्कर कारखाने में किसानों को 3000 रुपये प्रति टन से अधिक कीमत दी जा रही है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 यह गंभीर मामला है। सभी मिलों को 300 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गन्ना खरीदने के निर्देश दिए गए हैं। इसका पालन नहीं करने वाले शुगर संचालकों पर कार्रवाई की जायेगी।
– अभय वर्मा
कलेक्टर, नरसिंहपुर
अभी परिस्थितियों को समझ रहा हूं मिल संचालकों द्वारा नियमों का पालन न करने पर जांच की जाएगी।
अभिषेक दुबे
सहायक संचालक (गन्ना), नरसिंहपुर

नरसिंहपुर जिले के प्रगतिशील कृषक श्री राकेश दुबे ने बताया कि कलेक्टर को ज्ञापन देकर चर्चा की गई है गत दिनों बैठक में प्रशासन मिल मालिक, जन प्रतिनिधि व किसान संघ की चर्चा हुई जिसमें मिल मालिक गन्ने में 8 प्रतिशत की शुगर रिकवरी का हवाला देकर 270 रुपये प्रति क्विं. रेट तय करने के लिये कह रहे थे। किसान संघ व अन्य किसान का कहना था कि जब शुगर रिकवरी ज्यादा है। और बाजार में शक्कर का भाव भी ज्यादा है तो रेट 350 रुपये किया जाना चाहिए। बैठक में कलेक्टर ने तय किया कि गन्ने में शुगर रिकवरी के आधार पर रेट तय किए जायेंगे। गन्ने को शुगर रिकवरी जांच के लिए पवारखेड़ा अनुसंधान केन्द्र भंजा गया। जिसकी रिपोर्ट आ चुकी है। उसके अनुसार शुगर रिकवरी 11.6 प्रतिशत के आसपास है तो 350 रुपये प्रति क्विं किये जाने चाहिए। प्रशासन के मूल्य 300 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गन्ना खरीदने के आदेश का भी मजाक बनाया जा रहा है। वंशिका शुगर मिल सहित अन्य मिलों में 270 के रेट से ही गन्ना खरीदा जा रहा है। मुख्यालय के नजदीक स्थित महाकौशल शुगर मिल में 265 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदी की गई है केंद्र प्रभारी का किसानों से कहना है कि ट्राली खाली करो नहीं तो वापस ले जाओ।

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