सोयाबीन से बंधी है किसानों की उम्मीदें

निर्यात संभावनाओं से उत्साह
(अतुल सक्सेना)
भोपाल। मध्य प्रदेश के नीमच जिले के डीकेन गांव के प्रगतिशील किसान श्री चंद्रप्रकाश इस वर्ष अपने खेत की सोयाबीन फसल को देखकर काफी उत्साहित है। उन्होंने सोयाबीन की 9560 एवं 2034 किस्म लगाई है, उन्हें उम्मीद है कि इस बार 10 क्विंटल प्रति एकड़ से अधिक पैदावार होगी क्योंकि फसल बेहतर स्थिति में है। कहीं-कहीं इल्ली दिखाई दे रही है और पत्ते भी पीले पड़ गए हैं इसके बावजूद उनका कहना है कि उत्पादन गत वर्षों की तुलना में अच्छा होगा। देश एवं प्रदेश के सोयाबीन उत्पादक राज्यों में ऐसे कई किसान हैं जिन्हें बम्पर उत्पादन की उम्मीद है परन्तु रकबा बढऩे के साथ-साथ सोयाबीन की कीमतें घट रही हैं।

वर्तमान में मंडियों में समर्थन मूल्य से नीचे सोयाबीन बिक रहा है। दूसरी तरफ म.प्र. में किसानों को अधिक कीमत दिलाने के प्रयास में सरकार निर्यात की नीति बना रही है इसके लिए हाल ही में शासन का एक प्रतिनिधि मंडल अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सोयाबीन निर्यात की संभावनाएं तलाश कर लौटा है।

मध्य प्रदेश में इस वर्ष सोयाबीन की बोनी 53.18 लाख हेक्टेयर में की गई है और उत्पादन लगभग 70 लाख टन होने का अनुमान है। गत वर्ष 50.10 लाख हेक्टेयर में बोनी की गई थी और उत्पादन लगभग 53.20 लाख टन हुआ था, इसके पूर्व 2015 में भी प्राकृतिक आपदा के कारण उत्पादन मात्र 44.45 लाख टन हुआ था जबकि बोनी 59 लाख हेक्टेयर में की गई थी। इस प्रकार म.प्र. में गत पांच वर्षों में आंकड़े देखें तो सोयाबीन की औसत बुवाई 50 से 55 लाख हेक्टेयर के मध्य हुई है तथा औसत उत्पादन लगभग 60 लाख टन के आस-पास रहा है। समर्थन मूल्य में भी वृद्धि 5 वर्षों में लगभग 840 रु. हुई है। वर्ष 2014 में जहां समर्थन मूल्य 2560 रुपए प्रति क्विं. था वह वर्ष 2018 में बढ़कर 3399 रु. प्रति क्विंटल हो गया है। वहीं उत्पादन में उतार-चढ़ाव रहा। वर्ष 2014 में मौसम अनकूल तथा साथ देने के कारण उत्पादन 63.50 लाख टन हुआ था जो गत वर्ष 2017 में घटकर 53.20 लाख टन रह गया। वर्षवार यदि राज्य में उत्पादन देखें तो वर्ष 2014 की तुलना में वर्ष 2015 में 30 फीसदी की कमी आयी तथा 2016 में फिर 49 फीसदी उत्पादन बढ़ा, इसके पश्चात 2017 में पूर्व वर्ष की तुलना में 20 फीसदी की कमी दर्ज की गई। इस वर्ष गत वर्ष की तुलना में कितना उत्पादन बढ़ेगा यह समय के गर्भ में है परन्तु वर्तमान फसल स्थिति किसानों को राहत अवश्य दे रही है तथा वे निर्यात को लेकर उत्साहित हैं। कृषि विभाग ने भी 70 लाख टन सोयाबीन उत्पादन का अनुमान लगाया है तथा निर्यात की संभावनाएं चीन, जापान एवं वियतनाम में तलाशी जा रही है। सोयामील के निर्यात पर जापान से सहमति बनाने की संभावना है।

म.प्र. में विगत 5 वर्षों में सोयाबीन

 (क्षेत्र-लाख हे., उत्पादन- लाख टन, समर्थन मूल्य-रु./क्विं.)

वर्ष क्षेत्र उत्पादन समर्थन मूल्य
2014-15 55.78 63.53 2560
2015-16 59.06 44.48 2600
2016-17 54 66.48 2775
2017-18 50.1 53.21 3050
2018-19 53.18 70.00 (अनु.) 3399

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