खेती की उन्नत तकनीकों से किसान बने सक्षम

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रतलाम। कलेक्टर श्रीमती तन्वीं सुन्द्रियाल ने रतलाम जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण कर किसानों तथा पशु पालकों से उत्पादन की नई तकनीकों के प्रयोग के हाल जाने, ग्रामीण क्षेत्र में दुग्ध उत्पादन, मुर्गी पालन, पॉली हाउस, फूलों की खेती, अमरूद के बगीचे, अनार, अंगूर के बगीचें, खेती के उन्नत साधनों से होने वाली लाभ सम्बधी जानकारी की विस्तार से पड़ताल की। श्री सॉई डेरी फार्म ग्राम साराखेरी के संचालक ने बताया कि अच्छी प्रजाति की भैंस पालन से अच्छी आय हो रही है। ग्राम रेनमउ, धराड़ के पोल्ट्री फार्म संचालक ने मुर्गी पालन से अच्छी आय होना बताया। राजेश पटेल, निलेश पटेल ने बताया कि अमरूद की नई प्रजाति के उपयोग से पीछले तीन साल में लगभग अस्सी लाख रूपये की आय हुई है। सरकारी योजना राज्य यन्त्रीकरण से तीन लाख रूपयें लागत का ट्रैक्टर मिला है जिसमें शासन की ओर से पचास प्रतिशत सब्सिडी से राहत मिली है। लक्ष्मीनारायण पाटीदार राज्य कृषक सलाहकार सदस्य ने बताया कि फूलों की खेती कर इसकी बिकवाली बड़े शहरों में की जा रही है। मोतीलाल पाटीदार ने बताया कि परिवार के सदस्यों ने मेहनत कर अपनी जमीन पर अंगूर की खेती की तथा इससे वाईनरी की अपनी कम्पनी का बान्ड बनाकर पहचान बनाई है। कलेक्टर ने वाईनरी का निरीक्षण किया तथा उत्पादन की पद्वति को जाना तथा इससे होने वाले लाभ की चर्चा कीं। भ्रमण के दौरान कलेक्टर सहित उपसंचालक कृषि ज्ञानसिंह मोहनिया, उद्यानिकी अधिकारी, वेटनरी अधिकारी तथा अन्य अधिकारी आदि उपस्थित रहे।

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