ई-फसल कंपनी उपलब्ध कराएगी किसानों को आदान

खेती का स्टार्टअप

खेती किसानी आज घाटे का काम हो गया है। किसान अनेक तरह की समस्याओं से जूझ रहा है। अच्छी गुणवत्ता के उचित मूल्य पर कृषि आदानों की उपलब्धता इनमें एक प्रमुख समस्या है। आज कृषि आदानों की वितरण व्यवस्था सहकारी क्षेत्र के साथ-साथ निजी डीलरों के हाथ में है। कृषि आदान निर्माता कम्पनियों को अपना उत्पाद बेचने के लिए इन्हीं पर निर्भर होना होता है। इस कारण निर्माता कम्पनियों को उत्पाद के अधिकतम बिक्री मूल्य का निर्धारण इस तरह से करना होता है कि डीलर को अधिक से अधिक लाभ हो। कृषि आदान का अधिकतम बिक्री मूल्य उत्पादन लागत से बहुत अधिक निर्धारित होने के कारण किसान को अधिक मूल्य पर यह उत्पाद उपलब्ध होते हैं। इसके अलावा निर्माता कम्पनियां अपने माल को बेचने के लिए अनेक तरह की प्रोत्साहन योजनाएं भी डीलरों के लिए चलाती है जिनमें लाटरी निकाल कर उपहार देने से लेकर विदेश भ्रमण तक की योजनाएं होती हंै। जिन कृषि आदानों की गुणवत्ता जितनी कम होती है उनकी बिक्री के लिए उतनी अधिक आकर्षक लाभ की व्यवस्था की जाती है तथा इस पर होने वाला व्यय किसानों को अधिक मूल्य पर सामग्री बेच कर वसूला जाता है।
किसान जब डीलर से उधार सामग्री क्रय करता है तब भी उसे अनेक बार दुकानदार ऐसी अतिरिक्त सामग्री लेने की सलाह देते हैं जिनकी वास्तव में किसान को आवश्यकता नहीं है या उससे उसे कोई लाभ होने वाला ही है। आज बाजार ऐसे उत्पादों से भरे पड़े हैं जो जैविक या माइक्रो न्युट्रेन्ट के नाम से किसानों को अधिक कीमत पर दिये जा रहे हैं।
इस समस्या का एक कारगर समाधान देने की दिशा में ई-फसल कम्पनी द्वारा पहल की जा रही है जिसके तहत एक वैकल्पिक वितरण व्यवस्था तैयार करना है। इस व्यवस्था में उच्च गुणवत्ता के कृषि आदान उचित मूल्य पर किसानों को उपलब्ध करवाना है। इस व्यवस्था के तहत फ्रेंचाईजी के माध्यम से ग्राम स्तर पर विभिन्न कम्पनियों के उत्पाद सीधे उपलब्ध करवाने की पहल है। इन दुकानों को ई-फसल के नाम से खोला जावेगा तथा इनके संचालन की व्यवस्था किसानों के उत्पादक संगठनों के साथ-साथ निजी व्यक्ति भी कर सकेंगे।

आईएएस अधिकारी श्री रविन्द्र पस्तौर गत 31 मार्च को सेवानिवृत्त हुए। आपने शासकीय सेवा में रहते हुए विभिन्न महत्वपूर्ण दायित्वों का कुशलता से निर्वहन किया। ग्रामीण विकास विभाग,मनरेगा के अलावा आप मंडी बोर्ड के अपर संचालक भी रहे हैं। उज्जैन आयुक्त के रूप में आपने किसानों और कृषि बाजारों को एक सूत्र में पिरोने का काम किया। साथ ही कृषि विपणन की मैदानी चुनौतियों का निराकरण करने के लिये अनेक नवाचार भी किए। शाजापुर, आगरमालवा के संतरा किसानों के लिये नई तकनीक, नये बाजार का मार्ग प्रशस्त किया। कृषक जगत के माध्यम से आप अपने स्टार्टअप ई -फसल प्रा. लि. की कार्यप्रणाली बता रहे हैं।

फैक्ट्री से फील्ड तक
इन दुकानों को ई-फसल कम्पनी के माध्यम से सीधे केवल उच्च गुणवत्ता की सामग्री निर्धारित मूल्य पर बेचने के लिए सीधे निर्माता कम्पनी से लेकर प्रदाय की जायेगी। यह प्रदाय व्यवस्था बिना मध्यस्थों के सीधे फैक्ट्री से फील्ड कीे होने के कारण कम मूल्य पर कृषि आदान उपलब्ध करवाने में सक्षम होगी। इस व्यवस्था के तहत किसी भी तरह की प्रोत्साहन योजना न होने से किसान से अधिक मूल्य वसूलने की भी जरुरत नहीं होगी। किसान को केवल आवश्यक उत्पाद उचित मात्रा में लेने तथा उपयोग करने की सलाह दी जायेगी जिससे कृषि लागत कम की जा सकेगी तथा अनावश्यक उत्पादों के उपयोग पर रोक लगेगी।
इस व्यवस्था से जुडऩे के लिए इच्छुक व्यक्ति फ्रेंचाईजी लेने के लिए सम्पर्क कर सकते हैं या अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए ई-मेल भेज कर पत्र लिख कर या फोन पर सम्पर्क कर सकते हैं। वर्तमान में फिलहाल यह व्यवस्था मध्य प्रदेश में प्रारम्भ की जा रही है। संपर्क के लिये पता इस प्रकार है –
ई-फसल प्रा.लि. 305 उत्सव एवेन्यू, 12/5 उषा गंज जावरा कम्पाउंड, इंदौर,
ईमेल-ravindra@efasal.com
मो.- 9425166766

www.krishakjagat.org
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