कृषि विभाग की कलह – नरसिंहपुर में उपसंचालक कौन…?

(विशेष प्रतिनिधि)
भोपाल। चुनावी साल की सरगर्मी को देखते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री कृषक हित की कई योजनाएं प्रदेश में चला रहे हैं उनका कहना है कि सभी योजनाओं का लाभ किसान को मिलना चाहिए जिससे किसान की आय 2022 तक दोगुनी हो जाए। परंतु प्रदेश का एक जिला ऐसा भी है जहां के किसान योजनाओं का लाभ लेने से वंचित हो रहे हैं नरसिंहपुर जिले में कृषि विभाग सूना पड़ा है। लोग पूछते फिर रहे हैं कि नरसिंहपुर का कृषि उपसंचालक कौन है?
सरकार के आला अधिकारी भी इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक पूर्व में नरसिंहपुर में पदस्थ उपसंचालक श्री सलिल धगट को कमिश्नर ने निलंबित कर दिया था इसके पश्चात कृषि प्रशिक्षण केन्द्र के प्राचार्य श्री के.एल. कोष्टा को नरसिंहपुर का उपसंचालक बनाया गया था। इन्हें भी संभागायुक्त के आदेश पर निलंबित किया गया। इसके बाद से यह पद खाली पड़ा है। फिर जिला कलेक्टर ने सहायक मिट्टी परीक्षण अधिकारी डॉ. रामनाथ पटेल को उपसंचालक का प्रभार दे दिया। कुछ दिन बीते अब संभागायुक्त ने परियोजना संचालक आत्मा श्री आनंद मोहन शर्मा को प्रभारी उपसंचालक बनाने के आदेश दिए हैं परंतु जानकारी के मुताबिक अभी तक उन्होंने प्रभार ग्रहण नहीं किया है। प्रदेश का नरसिंहपुर जिला सोयाबीन, गेहूं के साथ-साथ गन्ना उत्पादन के लिये जाना जाता है। यहां का गुड़ प्रसिद्ध है तथा जिले में कई शक्कर कारखाने हैं। वर्तमान में मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना, संबल योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ 2017 का दावा भुगतान किसानों को किया जा रहा है इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने उज्जैन से जनआशीर्वाद यात्रा भी प्रारंभ कर दी है। ऐसे में जिले में उपसंचालक का न होना खेती -किसानी के प्रति शासन की गंभीरता दर्शाता है।

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