फसल की खेती (Crop Cultivation)

सोयाबीन की तीन नई किस्मों को मध्य प्रदेश में मंजूरी मिली

Share

28 सितम्बर 2022, भोपाल: सोयाबीन की तीन नई किस्मों को मध्य प्रदेश में मंजूरी मिली – सोयाबीन पर अनुसंधान एवं विकास कार्यक्रमों के लिए ‘आईसीएआर – भारतीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान’ (आईआईएसआर), इंदौर द्वारा पिछले कुछ वर्षों से लगातार नई किस्मों का विकास किया जा रहा है। आईसीएआर-आईआईएसआर द्वारा किए गए लगातार प्रयासों में, संस्थान ने सोयाबीन की तीन किस्में यानी एनआरसी 157,एनआरसी 131 और एनआरसी 136 विकसित की हैं, जिन्हें मध्य प्रदेश सरकार द्वारा अनुमोदित किया गया है।

प्रधान वैज्ञानिक और ब्रीडर डॉ संजय गुप्ता ने कहा कि एनआरसी 157 (आईएस 157) मध्यम अवधि की किस्म है जो सिर्फ 94 दिनों में पक जाती है। इसकी औसत उपज 16.5 क्विंटल / हेक्टेयर है और यह अल्टरनेरिया लीफ स्पॉट, बैक्टीरियल पस्ट्यूल और टारगेट लीफ स्पॉट जैसी बीमारियों के लिए भी मध्यम प्रतिरोधी है। संस्थान में फील्ड परीक्षणों ने एनआरसी 157 को न्यूनतम उपज हानियों के साथ देरी से  रोपण (20 जुलाई तक) के लिए उपयुक्त पाया है। एक अन्य किस्म, एनआरसी 131 (आईएस131) के बारे में उन्होंने कहा कि यह 93 दिनों की मध्यम अवधि की किस्म है, जिसकी औसत उपज 15 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है। यह किस्म चारकोल रॉट और टार्गेट लीफ स्पॉट जैसी बीमारियों के लिए मध्यम प्रतिरोधी है।

इन दो किस्मों के साथ, एनआरसी 136 (आईएस 136) जो पहले से ही देश के पूर्वी क्षेत्र में खेती के लिए अधिसूचित है, को भी इस वर्ष मध्य प्रदेश में खेती के लिए जारी किया गया है। इस किस्म के ब्रीडर और संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक डॉ ज्ञानेश कुमार सतपुते ने कहा कि यह किस्म 105 दिनों में 17 क्विंटल/हेक्टेयर की औसत उपज के साथ परिपक्व हो जाती है, एनआरसी 136 एमवायएमवी (मूंग बीन येलो मोज़ेक वायरस) के लिए मध्यम प्रतिरोधी है और भारत की पहली सूखा सहिष्णु किस्म है।

महत्वपूर्ण खबर: किसान अब 1.60 लाख रुपये तक का ऋण  मोबाइल से ही स्वीकृत करा सकेंगे

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्राम )

Share
Advertisements

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *