सब्जी फसलों में फल मक्खियों का नियंत्रण

पन्ना। कृषि विज्ञान केन्द्र, पन्ना के डॉ. बी.एस. किरार, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख, डॉ. आर.के. जायसवाल एवं डी. पी. सिंह वैज्ञानिकों द्वारा विगत दिवस गांव जनवार में सब्जी उत्पादक के खेतों पर भ्रमण किया गया गया। कृषकों के अनुसार ग्राम जनवार में लगभग 80 कृषकों के खेतों पर लगभग 100 एकड़ में खीरा, लौकी, करेला, गिल्की, कुम्हड़ा, बंैगन आदि फसलें लगी हुई हैं। वैज्ञानिकों ने कृषक जौनी, हेतराम, राजू, लखनलाल, लेखराम, कोमलबाई, राकेश आदि के खेतों पर भ्रमण एवं सब्जियों का अवलोकन किया। सब्जियों में खीरा एवं करेला में फल मक्खी कीट व पीला विषाणु तथा फल सडऩ रोग देखा गया। भिंडी मे चूसक कीट थ्रिप्स एवं सफेद मक्खी तथा फल भेदक इल्ली, बैंगन में तना फल भेदक इल्ली से ग्रसित पौधे देखे गये। वैज्ञानिकों ने पीला मोजेक रोग, फल मक्खी, सफेद मक्खी, थ्रिप्स आदि कीटों के नियंत्रण हेतु इमिडाक्लोप्रिड 17.8 प्रतिशत एस.एल. 80-100 मिली प्रति एकड़ दवा 200 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करने की सलाह दी। भिण्डी तथा खीरा का पत्ती खाने वाली कीट नियंत्रण हेतु डायक्लोरोवास 2 एम.एल. या प्रोफेनोफॉस 2 मिली/लीटर पानी की दर से घोल बनाकर छिड़काव करें। खीरा एवं लौकी के फल सडऩ रोकने के लिये कार्बेडाजिम+मैंकोजेब दवा 2 ग्राम प्रति लीटर पानी मे घोल बनाकर छिड़काव करने की जानकारी दी गयी। साथ ही किसानों को समझाया गया कि मेड़ों पर पीले पडऩे वाले पौधों को निकालकर गड्ढे मे गड़ा देना चाहिए।

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