यूरिया के साथ टेगिंग का कल्चर
कम्पनियां थोप रही अन्य उत्पाद
विक्रेताओं ने जताया विरोध
(विशेष प्रतिनिधि)
भोपाल। अगर आप उर्वरक विक्रेता हैं और आप किसी नामचीन कम्पनी का यूरिया अपने ग्राहकों के लिए लेना चाहते हैं तो आपको उस कम्पनी का कोई अन्य नामालूम सा प्रोडक्ट भी लेना पड़ेगा। आजकल उर्वरक निर्माता अपने अन्य उत्पाद को बेचने के लिए टेगिंग का यह आसान तरीका अपना रही है। यह प्रैक्टिस मुख्य रूप से यूरिया कम्पनियां कर रही हैं। उर्वरक विक्रेता को यूरिया लेने की मजबूरी में जबरन इस तरह के अन्य उत्पाद लेना पड़ते हैं, लेकिन अब प्रदेश के उर्वरक विक्रेता इस प्रथा के विरोध में लामबंद होने लगे हैं।

इस संबंध में विगत दिनों प्रदेश के कृषि आदान विक्रेता संघ ने अपने राष्ट्रीय संगठन एग्री इनपुट डीलर एसोसिएशन को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है। संगठन ने इस पत्र में यूरिया के साथ-टेगिंग का जिक्र करते हुए बताया है कि मध्य प्रदेश में नेशनल फर्टिलाइजर लि. द्वारा अपने यूरिया के साथ कीटनाशक दवाईयां, गेहूं का बीज, बैंकोनाईट सल्फर, एन.पी.के. जैविक कल्चर, जैविक दवाईयां आदि जबरन प्रदाय किए जाते हैं। इसी प्रकार गुजरात नर्मदा वैली फर्टिलाइजर कंपनी लि. द्वारा दो टन यूरिया के साथ एक टन नर्मदाफॉस को जबरन टेगिंग किया जाता है। इसी प्रकार चंबल फर्टिलाइजर लि. द्वारा सल्फर का टेगिंग करते हुए वाटर सॉल्युबल एन.पी.के. 19:19:19 एवं अन्य प्रकार के वस्तुओं की टेगिंग कर व्यापारियों को ब्लैकमेल किया जाता है। इसी प्रकार अन्य कंपनियां भी यूरिया, डी.ए.पी. एवं कॉम्पलेक्स फर्टिलाइजर के साथ अनेक वस्तुओं को जबरन टेगिंग किया जाता है। साथ ही विभिन्न कंपनियों के डिस्ट्रीब्यूटर यदि उपरोक्त टेगिंग किए जाने वाले उत्पादों को लेने से इंकार करते हैं तो उनकी डिस्ट्रीब्यूटरशिप समाप्त कर दी जाती है। वहीं मार्केटिंग सोसायटी के माध्यम से यूरिया प्रदाय किए जाने पर उन्हें किसी भी प्रकार की टेगिंग नहीं की जाती है। म.प्र. कृषि आदान विक्रेता संघ के सचिव श्री संजय रघुवंशी द्वारा लिखे पत्र में राष्ट्रीय संगठन से अनुरोध किया गया है कि वे इस समस्या को केन्द्रीय उर्वरक एवं रसायन मंत्रालय के समक्ष उठायें व उचित समाधान निकालने का प्रयास करें।

कम्पनी द्वारा यूरिया मुख्यत: मार्कफेड को ही प्रदाय किया जा रहा है। हमारे द्वारा किसी भी उत्पाद के साथ कोई टेगिंग नहीं की जाती है।

– आर.एस. राना
उप महाप्रबंधक विपणन,
सीएफसीएल, भोपाल

टेगिंग से सभी को नुकसान

उर्वरक कंपनियों द्वारा नये उत्पाद लाना अच्छा प्रयास है। लेकिन इससे किसान विक्रेता तथा कम्पनी को लाभ तभी मिलेगा जब इन उत्पादों के उपयोग व लाभ के बारे में जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार हो। टेगिंग की प्रथा से सभी को नुकसान है।

– मान सिंह राजपूत
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं अध्यक्ष
म.प्र. कृषि आदान विक्रेता संघ, भोपाल

www.krishakjagat.org
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