मधुमक्खियों के लिये हानिकारक रोग एवं कीटनाशकों का श्रेणीकरण

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मधुमक्खियों पर विषैले प्रभाव के आधार पर विभिन्न श्रेणियों में बांटा गया है। जिसके आधार पर कीटनाशकों का चयन किया जा सकता है। इस तरह इनको तीन श्रेणियों में बांटा गया है-

श्रेणी -1 उच्च विषैले कीटनाशी-

ये कीटनाशी उच्च विषैले होते है एवं मधुमक्खियों को अधिक नुकसान पहुंचाते हैं इनका प्रयोग फूल आने के समय नहीं करना चाहिए। इनका अवशेष प्रभाव स्प्रे के 10 घंटे तक रहता है। उच्च विषैले कीटनाशकों की सूची इस प्रकार है-

कार्बोरिल इमिडाक्लोप्रिड
कार्बोफ्यूरान मोनोक्रोटोफास
आक्सीडेमेटान – मिथाईल क्लोरोपाइरीफॉस
परमेथ्रिन साइपरमेथ्रिन
फोरेट डेल्टामेथ्रिन
फास्फोमिडान क्विनालफॉस
डाइमिथियेट              फेनवलेरेट थायोमिथॉक्साम

श्रेणी -2 मध्यम विषाक्त रोग/ कीटनाशी-

इस श्रेणी के कीटनाशी मधुमक्खियों के लिए मध्यम विषैले होते हैं। इनका छिड़काव संध्या, रात या भोर में करना चाहिए। इनकी विषाक्तता छिड़काव से 3 घंटे तक रहती है। मध्यम विषैले कीटनाशकों की सूची इस प्रकार है-

एसीटामिप्रिड हेप्टाक्लोर
मैलाथियान कार्बेन्डाजिम
मैन्कोजेब डाइजिनान
मिथाईल डेमेटान इथाईल पैराथियान
मिथाईल पैराथियान मोनोक्रोटोफास
थायोक्लोप्रिड      मेटासिस्टाक्स ट्राइक्लोरफोन

श्रेणी-3 अविषाक्त रोग/कीटनाशी

इस श्रेणी के अंतर्गत आने वाले कीटनाशी मधुमक्खियों के लिये बहुत कम विषैले होते हैं जिसका प्रयोग किसी भी समय किया जा सकता है। इनकी विषाक्तता सीधे छिड़काव में कम होती है जो बहुत ही कम विषैले होते हैं अविषाक्त कीटनाशकों की सूची इस प्रकार है-

एनीलाजीन फोलसिड
बैसिलस थुरिजिएन्सिस इथियान
बेनोमिल मेनाजोन
वोरडिआक्स मिक्चर मेथाक्सीक्लोर
कैप्टान मोरेस्टान
केटाफाल निकोटिन
क्लोरवेन्जिलेट न्यूक्लियर
पालीहाड्रोसिस विषाणु 
क्युप्रस आक्साइड फोसालोन
डाइकोफाल पोलीराम
डाइमाइट पाइरेथ्रम
डाइनोकैप साबाडिला
डोडिन                      जीरम थीरम
  •  दिपेश कुमार
  • चेतन एम. बोन्दरे
  • प्रद्युम्न सिंह
  • एन.एस. भदौरिया

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