कृषकों की आमदनी दोगुना कैसे हो, इस दिशा में कृषि वैज्ञानिकों का मंथन

25वीं कृषि विज्ञान केन्द्रों की जोनल कार्यशाला

जबलपुर। जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय एवं कृषि तकनीक अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान जोन-9 जबलपुर के संयुक्त तत्वाधान में कृषि विज्ञान केन्द्रों की 25वीं 3 दिवसीय कार्यशाला में दूसरे दिन कृषकों के लिये चल रही विभिन्न परियोजनाओं के कार्यो की समीक्षा हेतु तकनीकी सत्रों का आयोजन किया गया। जिसमें मेगा सीड हब प्रोजेक्ट, समूह अग्रिम पंक्ति का प्रदर्शन (दलहन, तिलहन), किसानों की आमदनी को दोगुना करने हेतु कार्ययोजना, न्यूट्री स्मार्ट विलेज के माध्यम से पोषण सुरक्षा, निकरा परियोजना एवं ट्राईबल सब प्लान परियोजना के विभिन्न तकनीकों सत्रों में 78 कृषि विज्ञान केन्द्रों की समीक्षा बैठक आयोजित हुई।

समीक्षा बैठक के दौरान भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् नईदिल्ली के एडीशनल डायरेक्टर जनरल (कृषि प्रसार) डॉं. वी.पी. चहल, जनेकृविवि के कुलपति डॉं. प्रदीप कुमार बिसेन, कार्यक्रम समन्वयक व अटारी जोन-9 के निदेशक डॉं. अनुपम मिश्रा, निदेशक विस्तार सेवाएं डॉं. (श्रीमती) ओम गुप्ता, राविसिंकृविवि ग्वालियर के निदेशक विस्तार सेवाएं डॉं. आर.एम.एस. बनाफर, इंगांकृविवि के निदेशक विस्तार सेवाएं डॉं. ए.एन. राठौर, शस्य वैज्ञानिक सिमिट नईदिल्ली डॉं. एम.एल. जाट, आई.आई.पी.आर. कानपुर निदेशक डॉं. एन.पी. सिंह, छत्तीसगढ़ योजना आयोग के सम्मानित सदस्य डॉं. डी.के. मढ़ौतिया, अधिष्ठाता कृषि संकाय डॉं. पी.के. मिश्रा, संचालक अनुसंधान सेवाएं डॉं. धीरेन्द्र खरे, डॉं. डी.पी. शर्मा, प्रमुख वैज्ञानिक डॉं. सुनील नाहतकर, डॉं. मोनी थामस आदि उपस्थित रहे।

कार्यशाला की इस समीक्षा बैठक में किसानों को कृषि विज्ञान केन्द्रों से तकनीकी जानकारी का प्रचार-प्रसार करने के साथ ही किसानों की आय को दोगुना करने हेतु कृषि वैज्ञानिकों द्वारा मंथन किया गया, ताकि कृषक समुदाय को उत्पादन के साथ ही आर्थिक लाभ प्राप्त हो सके।

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