डीजल के बढ़ते दाम से परेशान – कृष्ण को मिला सोलर पंप का सहारा

कृष्ण कुमार मेरावी के खेतों के पास से जमुनिया नदी बहती है। अब तक वह खेतों की सिंचाई के लिए डीजल पंप का उपयोग करते थे। डीजल पंप से खेतों की सिंचाई उसे बहुत महंगी पड़ती थी। डीजल के बढ़ते दाम एवं डीजल पंप के मेन्टेनेंस के अधिक खर्च से वह बहुत परेशान रहता था। लेकिन उसे अब न तो डीजल के दाम की चिंता है और न ही पंप के मेन्टेनेंस की चिंता रहती है। कृष्ण कुमार की चिंता को दूर किया है सूर्य की ऊर्जा से चलने वाले सोलर पंप ने। दो माह पहले ही उसने अपने खेत में सोलर पंप लगाया है।
कृष्ण कुमार बालाघाट जिले के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र बिरसा विकासखंड के दूरस्थ ग्राम बंधनिया का किसान है। उसके पास 18 एकड़ खेत है। खेत के पास से बहने वाली जमुनिया नदी में वह बोरी बंधान कर पानी एकत्र करता था और डीजल पंप से खेतों की सिंचाई करता था। लेकिन डीजल के दाम बढऩे से उसके लिए खेतों की सिंचाई की लागत बढऩे लगी थी। इससे वह बहुत परेशान था। ऐसे में उसे पता चला कि शासन की ओर से सौर ऊर्जा से चलने वाले पंप अनुदान पर प्रदान किये जाते हंै, तो उसने बालाघाट आकर अक्षय ऊर्जा अधिकारी श्री प्रशांत जैन से सम्पर्क किया और सोलर पंप के लिए अपना आवेदन प्रस्तुत कर दिया।
कृष्ण कुमार का आवेदन मंजूर हो जाने पर उसे 2 हार्सपावर का सोलर पंप प्रदाय किया गया है। उसे यह सोलर पंप 90 प्रतिशत अनुदान पर मात्र 25 हजार रुपये जमा करने पर प्राप्त हुआ है। दो माह पहले ही उसने जमुनिया नदी में सोलर पंप लगाया है। इन दिनों बालाघाट जिले में वर्षा नहीं हो रही है और धान का रोपा लगाने में किसानों को विलंब हो रहा है। लेकिन कृष्ण कुमार ने सोलर पंप की मदद से धान की नर्सरी लगा दी है और नदी के पानी से नर्सरी की सिंचाई भी कर रहा है। कृष्ण कुमार अब बिना खर्च मुफ्त में ही अपने खेतों की सिंचाई करने में सक्षम हो गया है। सोलर पंप से खेतों की सिंचाई कर वह बहुत खुश है। उसने बताया कि अब रबी सीजन में भी उसकी गेहूं, चना की फसलों की लागत में कमी आ जायेगी।

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