देश में खरीफ की बोनी पिछड़ी

अब तक 116 लाख हेक्टेयर में हुई बुवाई
(विशेष प्रतिनिधि)
नई दिल्ली/भोपाल। मानसून में देरी के कारण इस वर्ष खरीफ बोनी पिछड़ गई है। अब तक देश में 116 लाख हेक्टेयर में खरीफ बोनी की गई है जबकि गत वर्ष इस अवधि में 128.35 लाख हेक्टेयर में बोनी की गई थी। इधर म.प्र. में किसानों को मानसून का इंतजार है। खरीफ में 131.96 लाख हेक्टेयर में बुवाई का लक्ष्य रखा गया है। इसमें अब तक कपास की बोनी लगभग 2 लाख हेक्टेयर में हुई है। अधिकारियों और विशेषज्ञों ने कहा है कि एक बार मानसून जोर पकड़ लेगा तो खरीफ फसलों की बुआई, विशेष रूप से पूर्वी भारत में धान, मध्य और उत्तरी भारत में तिलहन व दलहन तथा देश के पश्चिमी भागों में कपास की बुआई में गति आएगी।

मानसून ने अपनी निर्धारित तारीख से दो दिन पहले ही भारत में प्रवेश कर लिया था और 15 जून के बाद कमजोर पडऩे से पहले एक पखवाड़े तक इसमें अच्छी प्रगति नजर आई थी। हालांकि मौसम विभाग ने कहा है कि 24 जून के बाद मानसून की मजबूत वापसी की उम्मीद है। इस सुधार से 1-20 जून के बीच की कमी पूरी होने में मदद मिल सकती है।
कृषि मंत्रालय के मुताबिक खरीफ में अब तक 10.67 लाख हेक्टेयर में धान की बुवाई हुई है जबकि 5.91 लाख हेक्टेयर में दलहन, 16.69 लाख हेक्टेयर में मोटे अनाज, 50.01 लाख हेक्टेयर में गन्ना और 20.68 लाख हेक्टेयर में कपास की बुवाई हुई है।
मुख्य फसलों में से 22 जून तक पिछले साल की समान अवधि की तुलना में लगभग 5 लाख हेक्टेयर कम क्षेत्र में तिलहन की बुआई की गई, जबकि दलहन की बुआई पिछले साल की तुलना में 1.90 लाख हेक्टेयर कम क्षेत्र में की गई है।

मध्यप्रदेश में सामान्य तौर पर निर्धारित तिथि में मानसून आने के बाद भी बोनी जून के अंत में ही शुरू होती है। पिछले दो-तीन वर्षों में 20 जून के बाद ही मानसून आया है इसलिये अभी देर नहीं हुई है। यदि जून निकल जाता है तो देर की स्थिति बनेगी, तब फसलों पर असर की बात की जा सकती है। वैसे भी प्री मानसून वर्षा के चलते किसानों ने तैयारी कर ली है।
– डॉ. राजेश वर्मा
अधिष्ठाता, आर.ए.के. कृषि महा., सीहोर (म.प्र.)

मध्य और उत्तरी भारत के राज्यों मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात और छत्तीसगढ़ में मानसूनी बारिश की शुरूआत में लगभग 10 दिनों की देरी हुई है। सोयाबीन, मूंगफली और सूरजमुखी खरीफ सीजन के दौरान उगाई जाने वाली मुख्य तिलहन फसलें हैं।

म.प्र. में 25 जून तक आ सकता है मानसून

इस वर्ष लगभग 12 से 15 दिनों की देरी से मानसून म.प्र.में आने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञ के मुताबिक अरब सागर की ओर से आने वाला मानसून धीरे-धीरे मजबूत हो रहा है। जल्द ही इसके प्रदेश में पहुंचने की संभावना बढ़ गई है। इसके पूर्व प्रदेश में प्री मानसून की वर्षा हो रही है जो किसानों को खेत तैयार करने तथा खरपतवारों को उखाडऩे में सहायक है। भारतीय मौसम विभाग की कृषि सेवाओं के प्रमुख श्री के.के. सिंह ने बताया मुख्य खरीफ फसलों मक्का, दलहन और तिलहन की बुवाई की अभी काफी संभावनाएं हैं। जुलाई माह बोनी के लिये अहम होता है।

 देश में बुवाई स्थिति (लाख हेक्टेयर)
फसल इस वर्ष गत वर्ष
चावल 10.67 11.17
दलहन 5.91 7.82
मोटे अनाज 16.69 18.34
तिलहन 5.03 9.93
गन्ना 50.01 49.48
जूट एवं मेस्ता 6.91 6.91
कपास 20.68 24.7
कुल 115.9 128.35

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