म.प्र.-छ.ग. में होगी बेहतर बारिश

खरीफ बोनी के लिए अच्छा संकेत

नई दिल्ली। किसानों के लिए अच्छी खबर है। इस साल मानसून खेती पर मेहरबान रहेगा। मौसम विभाग ने उत्तर पश्चिम और मध्य भारत में अच्छी बारिश की संभावना जताई है। आमतौर पर इन क्षेत्रों में बारिश सामान्य से थोड़ी कम होती है लेकिन इस बार तकरीबन सौ फीसदी बारिश का पूर्वानुमान है।
मौसम विभाग के महानिदेशक श्री के.जे. रमेश ने बताया कि उत्तर पश्चिमी राज्यों एवं मध्य भारत में कृषि की दृष्टि से उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, बिहार तथा पश्चिम बंगाल बेहत महत्वपूर्ण है। यहां अच्छी बारिश होने से फसलों का उत्पादन बेहतर होगा, क्योंकि इन राज्यों में बारिश पर निर्भरता ज्यादा है। मौसम विभाग ने गत दिनों दूसरे चरण का पूर्वानुमान जारी किया है। इसमें देश के अलग-अलग हिस्सों में होने वाली बारिश की भविष्यवाणी की गई है। इसके अनुसार उत्तर पश्चिमी राज्यों, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरिणाणा, दिल्ली, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर तथा हिमाचल प्रदेश में सौ फीसदी बारिश होगी।
इसी प्रकार मध्य भारत में मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और बिहार आदि में 99 फीसदी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। दक्षिणी राज्यों में अपेक्षाकृत थोड़ी कम 95 फीसदी बारिश का पूर्वानुमान है। देश के पूर्वोत्तर हिस्से में सबसे ज्यादा बारिश होती है लेकिन वहां इस बार 93 फीसदी बारिश का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है।
मौसम विभाग ने कहा कि इस साल मानसून सामान्य रहने के आसार हैं। बारिश लंबी अवधि के औसत (एलपीए) की करीब 97 फीसदी रहने का अनुमान है। विभाग का यह पूर्वानुमान जून के पूर्वानुमान के समान ही है। इस पूर्वानुमान में 4 फीसदी की घटत-बढ़त संभव है।

मानसून समय से 3 दिन पहले पहुंचा केरल
पूरे देश के किसानों के लिए जीवनरेखा समझे जाने वाले दक्षिण- पश्चिम मानसून ने केरल में दस्तक दे दी है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार केरल में मानसून तय समय से तीन दिन पहले आ गया। मानसून का जल्दी आना खरीफ फसलों की बुआई के लिए अच्छा संकेत है, लेकिन स्थिति काफी हद तक इस पर निर्भर करेगी कि आगे बारिश की रफ्तार कैसी रहती है। मौसम विभाग ने 29 मई को मानसून आने का अनुमान जताया था। यह भविष्यवाणी चार दिन के प्लस माइनस के माडल एरर के साथ की गई थी। मानसून की बारिश के जल्द शुरू होने से अक्सर किसानों को चावल, गन्ना, मक्का, कपास और सोयाबीन जैसी फसलों की जल्दी बुआई में मदद मिलती है, क्योंकि देश में लगभग 50 प्रतिशत कृषि भूमि पर सिंचाई का अभाव है।

मौसम विभाग का दूसरा पूर्वानुमान

 क्षेत्रवार मानसून का पूर्वानुमान
क्षेत्र पूर्वानुमान
उत्तर पश्चिम भारत 100
मध्य भारत 99
दक्षिण प्रायद्विपीय भारत 95
उत्तर पूर्व भारत 93
 स्त्रोत : भारतीय मौसम विभाग

मौसम विभाग ने कहा कि महीनों के लिहाज से बारिश जुलाई में एलपीए की 101 फीसदी रहने का अनुमान है, जबकि अगस्त में यह एलपीए की 94 फीसदी रहने के आसार हैं। यह मासिक पूर्वानुमान 9 फीसदी घटत-बढ़त की मॉडल एरर पर आधारित है।

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