लेजर लैण्ड लेवलर से लाभ ही लाभ

लेजर लेवलर एक आधुनिक परिशुद्ध समतलीकरण यन्त्र है। यह परम्परागत विधियों से एकदम हटकर एक अत्याधुनिक तकनीक है, जिसमें लेजर में लगे किरणों के द्वारा लेवलर को अपने आप नियंत्रित करके भूमि को बराबर मात्रा में समतल कर देते हैं। इस यन्त्र को चलाने के लिए एक प्रशिक्षित मैकेनिक की आवश्यकता पड़ती है। यह यन्त्र 50-60 अश्व शक्ति के ट्रैक्टर की सहायता से चलता है। एक एकड़ भूमि को समतल बनाने के लिए कम से कम एक या डेढ़ घण्टा लगता है। ऊँचे-नीचे खेत में सिंचाई करते समय पानी खेत में पूरी तरह से समान रुप से नहीं फैल पाता है। इसके चलते खेत में कुछ जगहों पर खरपतवार पनपने लगते हैं और सभी पौधे व बीजों को सही अनुपात में पानी नहीं मिल पाता है जिससे पैदावार पर बुरा असर पड़ता है। लेजर लैण्ड लेवलर का इस्तेमाल कर किसान इस समस्या को दूर कर सकते हैं। यह सिंचाई जल की बचत करता है तथा सिंचाई दक्षता में सहायक है। लेजर लेवलर द्वारा सीमित जल स्रोतों द्वारा भी किसान सब्जी उगा सकते हैं।
इस यंत्र का प्रयोग करने से पहले ध्यान रखें कि खेत की गहरी व बारीक जुताई तथा खेत में 5 प्रतिशत नमी होनी चाहिए। खेत में खरपतवार व फसल के अवशेष, धान का पुआल एवं घास आदि नहीं होने चाहिए। लेजर लेवलर के मुख्य भाग निम्नलिखित है।
लेजर लेवलर के भाग

  • लेजर, द्य लेजर ट्रांसमीटर,
  • मशीन कन्ट्रोल रिसीवर,
  • कन्ट्रोल बॉक्स और 5. स्क्रेपर।
    सावधानियां:
  • स्टैण्ड को पेड़ों के बीच या बाग में तथा बिजली के तार के नीचे नहीं सेट करें।
  • कोहरा होने पर लेजर ट्रांसमीटर सही से कार्य नहीं करेगा। द्य कन्ट्रोल बॉक्स में लगी बटन आटो मैटिक में होना चाहिए।
  • बैटरी चार्ज होना चाहिए, यदि बैटरी चार्ज नहीं है तो ट्रांसमीटर कार्य नहीं करेगा।

सारांश
यह एक आधुनिक समतली करण यन्त्र है। मशीन की कीमत लगभग 3.25 लगभग है। यह मशीन महंगी होने के बावजूद भी किराये पर लेकर किसानों द्वारा अधिक प्रयोग किया जा रहा है। इसके द्वारा भूमि को अच्छी तरह से समतल किया जा सकता है। जिससे पानी, बीज, समय, और धन की बचत होती है तथा कम लागत के साथ-साथ पैदावार अधिक एवं खरपतवार कम होता है।

लेजर लेवलर की कार्यविधि

  • सबसे पहले लेजर स्टैण्ड को खेत के किसी एक किनारे पर खड़ा कर दिया जाता है।
  • स्टैण्ड के ऊपर लेजर ट्रांसमीटर को फिट कर दिया जाता है।
  • लेजर ट्रांसमीटर को 6 बोल्ट/12 बोल्ट की बैटरी से करेन्ट दिया जाता है।
  • लेजर ट्रांसमीटर को ऑन करके एक तीन पैर वाले स्टैंड को सेट कर देते है।
  • लेजर ट्रांसमीटर में निकलने वाली किरणे लेजर बीम से जुड़ जाते हैं।
    • मशीन कन्ट्रोल रिसीवर/लेजर सेन्सर लेजर बीम को लेने के लिए लेवलर के ऊपर लगे लोहे की पाइप को ऊपर या नीचे उठाते हैं।
  • जब लेजर सेन्सर में हरी लाइट जलने लगती है उसी जगह राड को कस दिया जाता है।
  • इस प्रकार कन्ट्रोल बॉक्स में हरी लाइट जलनें लगती है।
  • इसके बाद लेजर सेन्सर को ऊपर उठाने पर लेवलर नीचे और नीचे गिराने पर लेवलर ऊपर आने लगता है।
  • लेवलर को उसी तरीके से ऊपर नीचे उठा कर सेट कर सकते है।
  • सेटिंग होने के पश्चात ट्रैक्टर को स्टार्ट करके अन्दर से बाहर की ओर निकलते हुए गोलाई में चलाते हैं।
लेजर लैण्ड लेवलर द्वारा भूमि समतलीकरण से लाभ
1. सिंचाई में जल की लगभग 30 से 35 प्रतिशत तक की बचत होती है।
2. सिंचाई में लगने वाले ईधन/बिजली की बचत होती है।
3. फसलों की पैदावार एक समान तथा लगभग 15 से 25 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी होती है।
4. भूमि समतल करने में समय की बचत होती है।
5. पूरे खेत में पानी का एक समान फैलाव होता है।
6. खरपतवारों के जमाव में कमी होती है।
7. खेत की शस्य क्रियाओं में लगभग 10 प्रतिशत समय की बचत।
8. खेत समतल करने में कम ईधन का उपयोग।
  • अनुराग पटेल
  • दुष्यंत सिंह
  • रमेश कुमार साहनी
    email : 3679anuragpatel@gmail.com

www.krishakjagat.org

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