धान के दुश्मनों के नियंत्रण से पायें लाभ

www.krishakjagat.org
Share
   धान के विभिन्न अवस्थाओं में लगने वाले कीट
       कीट                 फसल की अवस्था            आर्थिक हानि स्तर
तना छेदक थरहा अवस्था मध्यम से तीव्र
कंसा अवस्था 5 डेड हार्ट
गभोट अवस्था 1 शलभ/ वर्ग मी.
बाली अवस्था 1 शलभ/ वर्ग मी.
गंगई थरहा अवस्था मध्यम से तीव्र
कंसा अवस्था 5 सिल्वर शूट
सफेद एवं थरहा अवस्था मध्यम से तीव्र
भूरा माहू कंसा अवस्था 5 डेड हार्ट
गभोट अवस्था 10-15 कीट/ पौधा
बाली अवस्था 15-20 कीट/ पौधा
चितरी कंसा अवस्था 1 क्षतिग्रस्त पत्ती/ पौधा
(पत्ती मोड़क) गभोट अवस्था 1-2 क्षतिग्रस्त पत्ती/ पौधा
बंकी कंसा अवस्था 1-2 खोल/ पौधा
कटुवा थरहा अवस्था 1 इल्ली/ पौधा
बाली अवस्था 1 इल्ली/ पौधा
गंधी बग बाली अवस्था 15-20 बग/ वर्ग मी.
उपरोक्त ई.टी.एल. के आधार पर नियंत्रण विधियों का प्रयोग करना चाहिए।

रसायनिक नियंत्रण पौधे के अवस्था के आधार पर
रोपाई अवस्था

  • रोपा लगाने के पहले धान से कीट प्रकोपित पौधे जैसे गंगई के सिल्वर सूट पत्ती के अग्र शीर्ष पर तना छेदक के अंडे दिये भाग आदि निकाल कर नष्ट कर दें।
  • नर्सरी से पौधा निकालने के एक सप्ताह पूर्व फोरेट 10 ग्राम की 10 किग्रा या कार्बोफ्यूरान 3 ग्राम की 25 किग्रा मात्रा/ हे. के दर से दें। इसके उपयोग में ध्यान रखने वाली सबसे बड़ी बात यह है कि खेत में 2 इंच तक पानी भरा होना चाहिए।
  • उपरोक्त उपाय नहीं हो पाने पर रोपाई के पूर्व पौधे को क्लोरोपायरीफॉस 20 ईसी दवा का 0.02 प्रतिशत (एक मिली लीटर दवा एक लीटर पानी में) घोल से 10 घंटे तक डुबाकर रखें तथा 1 प्रतिशत यूरिया के घोल (10 ग्राम यूरिया एक लीटर पानी में) के साथ इसी दवा के घोल में 3 घंटे रखें। ऐसा करने से फसल को कीड़ों से 20-25 दिनों तक मुक्त रखा जा सकता है।
    तना छेदक
  • कार्बोफ्यूरान 0.75 किग्रा या क्विनालफास या फोरेट 10 ग्राम एक किग्रा सक्र्रिय तत्व का उपयोग प्रति हे. करें।
  • कार्बोफ्यूरान 3 ग्राम 20 किग्रा या कारटाप हाइड्रोक्लोराईड 4 ग्राम का 18 किग्रा प्रति हे. के दर से उपयोग करें।
  • खेतों में परजीवियों जैसे कि (ट्राइकोग्राम जैपोनिकम) एवं परभक्षी (ड्रैगन फ्लाई, मकड़ी, परभक्षी फुदका आदि) कीटों का प्रयोग कीट प्रबंधन में किया जाता है।
  • 5-10 किग्रा भूसा को 3-5 लीटर केरोसिन में मिलाकर पौधों पर छिड़काव करें। यह मात्रा एक एकड़ के लिए पर्याप्त होता है।
    गंगई
  • गंगई का प्रकोप होने पर कार्बोफ्यूरान 0.75 किग्रा या क्विनालफॉस या फेंथियान दानेदार 1 किग्रा सक्रिय तत्व प्रति हे. उपयोग करे।
  • कार्बोफ्यूरान 3 ग्राम 20 किग्रा या फोरेट 10 ग्राम का 15 किग्रा/ हे. की दर से उपयोग करें।
  • कारटाप हाइड्रोक्लोराईड 4 ग्राम का 18 किग्रा प्रति हे. उपयोग करें।
    सफेद एवं भूरा माहू
  • रोपाई करने के पूर्व पौधे की जड़ों को 12-14 घंटों तक 0.02 प्रतिशत क्लोरोपायरीफॉस दवा के घोल में डुबोकर उपचारित करें।
  • मिथाईल पेयराथियान या क्विनालफास 1.5 प्रतिशत घोल का 25 किग्रा प्रति हे. से भुरकाव करें।
  • नुवान (डीडीव्हीपी) 1.5 मिली प्रति हे. का छिड़काव करें।
  • व्ही.पी.एस.सी. को 1 मिली/ हे. की दर से छिड़काव करें।
    भूरा माहो
  • कार्बोरिल 0.75 किग्रा या क्लोरोपायरीफास 0.5 किग्रा सक्रिय तत्व प्रति हे. का छिड़काव करें।
  • .इथोफेनप्राक्स 20 ईसी 1 मिली या नूवान (हाइड्रोक्लोरोफास) 1 मिली या व्हीपीएमसी की 1 मिली का मिश्रण 1 लीटर घोल/ हे. की दर से छिड़काव करें।
  • इमिडाक्लोप्रिड 17.8 एसएल 1 मिली/ हे. की दर से छिड़काव करें।
    बंकी
  • क्विनालफॉस 25 ई.सी. (1.5 मिली) के दर से/ हे. घोल का छिड़काव नाशीजीव के नियंत्रण के लिए करें।
  • खेत में रस्सी चला करके मिट्टी तेल को खेत में डालना चाहिए जिससे पानी के संपर्क में आए कृमि कोष नष्ट हो जाते हैं।
    हिस्पा
  • .क्विनालफॉस 25 ईसी 1.2 मिली घोल मिथाईल पैराथियान धूल 25 किग्रा प्रति हे. की दर से भुरकाव करें।
  • . कार्बोरिल 29.1 मिली घोल का छिड़काव करें।
  • क्लोरोपायरीफॉस 0.5 किग्रा प्रति हे. की दर से उपयोग करें।
    फाफा (ग्रास हाफर)
  • क्विनालफॉस 1 किग्रा सक्रिय तत्व प्रति हे. का छिड़काव करें।
  • कार्बोरिल का 20-25 किग्रा तत्व प्रति हे. के हिसाब से फाफा के नियंत्रण हेतु प्रयोग किया जा सकता है।
  • इकॉलक्स डस्ट या मिथाईल पैराथियान का 25 किग्रा प्रति हे. की दर से छिड़काव करें।
     फसल के बढ़वार की अवस्था में
  समय       फसल की            कीट                                              रोकथाम                                                    अवस्था                                                                   दवाई                 मात्रा/ हे
10-15 जड़ पकडऩे फाफा, हिस्पा, बंकी, थ्रिप्स, इकालक्स 620 मिली
दिन की अवस्था सुरंग मक्खी, कटुवा, सफेद माहो लेबासिड 620 मिली
30-40 कंसे फूटने की सफेद भूरा माहा, गंगई, हिस्पा, रोगर या 650 मिली
दिन अवस्था में बंकी, गंधी बग, तना छेदक आदि मेटासिस्टांक्स 87.5 मिली
50-60 फूल की गांठ तना छेदक, हरा माहो, गंगई, डायमेक्रान या 650 मिली
दिन पडऩे तथा गभोट भूरा माहो, कटुवा रोगोर या 250 मिली
की अवस्था मेटासिस्टांक्स 87.5 मिली
75-80 बाली निकलने भूरा माहो, तना छेदक सुमिथियान 620 मिली
दिन से दाना भरने मेलाथियान 620 मिली
की अवस्था
90-100 पकने की भूरा माहो, कटुवा नुवान या 620 मिली
दिन अवस्था लेबसिड 620 मिली
www.krishakjagat.org
Share
Share