केले को खाद, पानी की जरूरत

केला उत्पादक किसानों के लिए
कृषक जगत के सुधी पाठकों विशेष रूप से केला उत्पादक किसानों ने, जिन्होंने जुलाई के प्रथम सप्ताह में केला रोपण किया है, जानना चाहा है कि अब पौधों को कितना पानी और कितना खाद चाहिए। जैन इरीगेशन सिस्टम्स के वरिष्ठ एग्रोनॉमिस्ट श्री मुरली अय्यर (मो. 9406802826) ने इन बिंदुओं पर तकनीकी जानकारी प्रस्तुत की है।

ड्रिप पद्धति की योजना
केले में सिचांई के लिये इनलाईन एवं ऑनलाईन दोनों पद्धतियों का प्रयोग किया जा सकता है। ऑनलाईन में प्रत्येक पौधे पर दो ड्रिपर रखे जाते हैं। इनलाईन में 60 सेमी. ड्रिपर से ड्रिपर की दूरी वाली नलिका का केले की खेती में चयन करें । यह नलिका पौधों की पूरी पट्टी को भिगो देती है।

उर्वरक प्रबंधन
टिश्युकल्चर द्वारा तैयार केले के पौधों की खेती आधुनिक कृषि है अत: इसमें अन्य उच्च कृषि तकनीक जैसे ड्रिप इरिगेशन, फर्टिगेशन आदि का प्रयोग करना चाहिये। टिश्युकल्चर से संवर्धित पौधों में सकर्स की तरह भण्डारित पोषक तत्व नहीं होते हैं अत: इनके रोपण के 5 दिन बाद से 315 दिन तक फर्टीगेशन करना चाहिये।

 जल प्रबंधन
केले के पौधे को जल की आवश्यकता (लीटर प्रति पौधा प्रतिदिन)
माह पानी (ली./ दिन) माह पानी (ली./ दिन)
जून (प्रतिरोपण) 5 अक्टूबर (प्रतिरोपण) 04-Jun
जुलाई 4 नवम्बर 4
अगस्त 5 दिसम्बर 4
सितम्बर 6 जनवरी 5
अक्टूबर 08-10 फरवरी 6
नवम्बर 8 मार्च 10-12
दिसम्बर 6 अप्रैल 14-16
जनवरी 9 मई 18-20
फरवरी 11 जून 18
मार्च 16-18 जुलाई 16
अप्रैल 20-25 अगस्त 12
मई 25-30 सितम्बर 12-14
वर्षा की मात्रा एवं अन्तराल अनिश्चित है अत: सिंचाई का निर्धारण प्रतिदिन के आधार पर नहीं किया जा सकता है। सामान्यत: यदि वर्षा 10 मिमी प्रतिदिन हो जाये तो ड्रिप सिंचाई 2-3 दिन तक नहीं करना चाहिये।
जल घुलनशील उर्वरक
प्रयोग का समय उर्वरक की श्रेणी कुल मात्रा (किग्रा.) मात्रा (किग्रा./एकड़/दिन)
5 से 65 दिन यूरिया 82.6 1.02
0.542361 60 0.17
66 से 125 दिन यूरिया 135 1.62
0.542361 40 0.5
00:00:50 100 1.25
मैग्नीशियम 75 0.62
126 से यूरिया 65 1.62
165 दिन 00:00:50 60 1.5
166 से यूरिया 150 0.75
315 दिन 00:00:50 300 1.5
पौधे लगाते समय या लगाने के बाद जो खाद झुकाव के माध्यम से डालते हैं जैसे एसएसपी मिट्टी में सीधे डालें। ऊपर सारिणी में जो खाद की मात्रा दी गई है वह केवल मार्गदर्शन के लिए है। यह मात्रा अलग-अलग मिट्टी एवं जलवायु के लिए रहेगी।
परम्परागत उर्वरक
रोपाई के बाद स्त्रोत मात्रा (ग्रा./पौधा) मात्रा/एकड़ एवं फर्टीगेशन की दर
रोपण के समय एस.एस.पी 125 181.5
एम.ओ.पी. 105 152.5
30 दिन यूरिया 62 90 (3 किग्रा./दिन)
75 दिन यूरिया 62 90 (3 किग्रा./दिन)
एस.एस.पी 125 181.5 (3 किग्रा./दिन)
125 दिन यूरिया 62 90 (3 किग्रा./दिन)
एस.एस.पी. 125 181.5 (3 किग्रा./दिन)
165 दिन यूरिया 62 90 (3 किग्रा./दिन)
एस.एस.पी. 105 152.5 (5 किग्रा./दिन)
210 दिन यूरिया 62 90 (3 किग्रा./दिन)
255 दिन यूरिया 62 90 (3 किग्रा./दिन)
एम.ओ.पी. 105 152.5 (5 किग्रा./दिन)
300 दिन यूरिया 62 90 (6 किग्रा./दिन)
एम.ओ.पी. 105 152.5 (10 किग्रा./दिन)

 

www.krishakjagat.org

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