रिलायंस फाउण्डेशन की किसानों को सलाह

  • रबी मौसम की फसलों में असिंचित भूमि में नमी संरक्षण हेतु खरीफ फसल कटाई के पश्चात जुताई कर जिससे खरपतवार नियंत्रण व नमी संरक्षण होता है, साथ ही जैविक खाद- गोबर, गैस स्लरी, केंचुआ खाद, गोबर खाद का उपयोग एवं पूसा हाइड्रो जेल का उपयोग नमी संरक्षण हेतु करना चाहिए।द्य रबी मौसम की फसलों में असिंचित भूमि में नमी संरक्षण हेतु खरीफ फसल कटाई के पश्चात जुताई कर जिससे खरपतवार नियंत्रण व नमी संरक्षण होता है, साथ ही जैविक खाद- गोबर, गैस स्लरी, केंचुआ खाद, गोबर खाद का उपयोग एवं पूसा हाइड्रो जेल का उपयोग नमी संरक्षण हेतु करना चाहिए।
  • चने में रोग नियंत्रण के लिए विशेषकर उकठा रोग हेतु बदल-बदल कर फसल लगाकर फसल चक्र अपनाना चाहिए। पिछले वर्ष जिस खेत मे चना फसल लगाई हुई थी वहाँ इस वर्ष चने की फसल नही लगाना चाहिए।
  • अलसी की बुआई असिचिंत अवस्था मे अच्छा विकल्प है बाजार की मांग के अनुसार इसकी उन्नतशील किस्मे जेएलएस-27, 66, 69, 23 का चुनाव करें। बीजोपचार फाफूँदीनाशक थाइरम 2 ग्राम व कार्बेन्डाजिम 1 ग्राम प्रति के हिसाब से करने के उपरांत 10 किलोग्राम बीज/एकड़ की दर से बुआई करें।
  • गेंहू की उन्नत किस्में इस प्रकार हैं 1 से 2 सिंचाई वाली किस्में- जे.डब्ल्यू-3288, 3211, 3020, एच.आई.-1531 है।

असिंचित किस्में– जे.डब्ल्यू-3288, 3173 आदि है।

  • सरसों कि उन्नत किस्में जैसे- आर.एच.-749, एन.डी.आर.-8501, पूसा महक, पूसा जय, किसान, पूसा तारक, जे.एम.-03, भरत-01, अरावली एवं वरुणा इत्यादि है।
  • सरसों बुआई के लिए उन्नतशील किस्मों मे जैसे- पूसा तारक, पूसा गोल्ड एवं पूसा जयकिशन किस्मों का चुनाव करना चाहिए एवं कार्बक्सीन + थाइराम दवा 2 ग्राम एवं पी एस बी 5 ग्राम प्रति किलो के मान से बुआई के पूर्व उपचरित करना चाहिए।
  • मटर की बुआई के पूर्व उकठा एवं भूमि जनित बीमारियो से बचाव के लिए कार्बोक्सीन + थाइरम दवा 2 ग्राम एवं पीएसबी 5 ग्राम प्रति किलो के मान से बुआई के पूर्व उपचरित करना चाहिए।

उद्यानिकी 

  • लहसुन की उन्नत प्रजाती जैसे; जी 282 एवं जी 223 का चुनाव करें। पपीता में तना सडऩ के नियंत्रण के लिए बोर्डो मिक्सचर का उपयोग करें।
  • सब्जी वाली फसलों को फफूंद रोगों से बचाने के लिये मेंकोजेब 2.5 ग्राम या बैक्टीरियल धब्बे होने पर कापर आक्सीक्लोराइड 2 ग्राम प्रति लीटर पानी का छिड़काव करें। 

पशुपालन

  • पशुओं के लिए हरे चारे के लिए जवाहर बरसीम की उन्नत किस्में- जेजी-1, जेजी-5, बुन्देल बरसीम-3, वरदान तथा जवाहर-1,आनंद-2, आदि की बुआई कर सकते हैं।
अधिक जानकारी के लिये रेडियो पर सुनें किसान संदेश आकाशवाणी
के एफ एम विविध भारती भोपाल 103.5 मेगा हा.,
जबलपुर 102.9 मेगा हा., पर शाम 6.30 से 6.35बजे एवं आकाशवाणी छिंदवाड़ा 675 कि.हा.पर शाम 7.00 से 7.05 बजे।
टोल फ्री नं.18004198800 पर
संपर्क करें सुबह 9.30 से शाम 7.30 बजे तक

 

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