रिलायंस फाउण्डेशन की किसानों को सलाह

  • सोयाबीन, मूँग, तिल एवं उड़द आदि में हरी अर्धकुंडलक इल्ली (ग्रीन सेमीलूपर) के प्रकोप दिखाई देने पर नियंत्रण हेतु क्लोरोपाइरीफॉस 20 ई.सी. अथवा क्विनालफॉस 25 ई.सी. 1.5 लीटर प्रति हेक्टर के मान से 500 से600 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें।
  • मूंग एवं उड़द में पीलामोजेक रोग फैलाने वाली सफेद मक्खी के नियंत्रण हेतु इमिडाक्लोरोप्रिड 17.8 एस.एल., 200 मिली प्रति हेक्टेयर की दवा का छिड़काव करें।
  • मूंग, उड़द व तिल फसलों की बोनी करना रह गई हो, वहां जुलाई माह के अंतिम सप्ताह तक भी कर सकते हंै।
  • रोपा पद्धति से लगाई गई धान की फसल में 10 किलो प्रति हेक्टेयर की दर से नील हरित काई का उपयोग करने से 15 से 20 प्रतिशत अधिक उत्पादन में वृद्धि होती है।
  • प्रत्येक रसायनों (कीटनाशक, फफूंदीनाशक, नींदनाशक) के पैक पर दिए निर्देशों का पालन करते हुए सावधानियां बरतें एवं विशेष तकनीकी मार्गदर्शन हेतु रिलायंस फाउंडेशन के हेल्पलाइन पर संपर्क करें।

उद्यानिकी

  • किसान भाई नवीन उद्यानिकी लगाने के लिए पूर्व में तैयार गड्ढों में उन्नत प्रजाति के फलदार पौधों का रोपण करें एवं रोपाई के पूर्व केचुआं खाद, नीम खली एवं दीमक नियंत्रण हेतु क्लोरोपाइरीफॉस कीटनाशक दवा का उपयोग करें।

पशुपालन

  • पशुओं को संक्रमण रोगों से बचाव हेतु दूषित चारा दाना न खिलावें व तालाब आदि का पानी न पिलावें। इस समय ग्याभिन भैंस व गायों को परजीवी से बचाव हेतु डिवर्मिग (पेट के कीड़े) मारने की दवाई फैनवेन्डाजोल 1 ग्राम दवा 100 किग्रा शरीर भार की दर से खिलावें।

कृषि, पशुपालन, मौसम, स्वास्थ, शिक्षा आदि की जानकारी के लिए जियो चैट डाउनलोड करें-डाउनलोड करने की प्रक्रिया:-

  • गूगल प्ले स्टोर से जियो चैट एप का चयन करें और इंस्टॉल बटन दबाएं।
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संपर्क करें सुबह 9.30 से शाम 7.30 बजे तक

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