जैविक खेती अपनायें और मृदा को स्वस्थ रखें-डॉ. खरे

जनेकृविवि में कर्नाटक के किसान हुये प्रशिक्षित

जबलपुर। जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय की व्यवसाय योजना तथा विकास इकाई द्वारा बायोटेक्नालॉजी डेव्लपमेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया दिल्ली (बीडीएआई) के सहयोग से कर्नाटक के कृषि सेवा प्रदायकों एवं प्रगतिशील कृषकों हेतु आयोजित 3 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि संचालक अनुसंधान सेवाएं एवं संचालक शिक्षण डॉ. धीरेन्द खरे ने प्रमाण-पत्र वितरित करते हुये किसानों से जैविक खेती अपनाने और मृदा को स्वस्थ रखने का आव्हान किया। उन्होंने जनेकृविवि के पास जैविक खेती की सम्पूर्ण तकनीक उपलब्ध है। विशेष अतिथि श्री मुकुन्द कुमार समन्वयक बायोटेक्नालॉजी डेव्लपमेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया दिल्ली ने प्रशिक्षुकों का आव्हान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अर्जित ज्ञान का प्रचार-प्रसार कृषक और देशहित में करें। समारोह में हिन्दी को कन्नड़ भाषा में अनुवाद करने के लिये दुभाषिये की भी मदद ली गई। इस दौरान कुलपति डॉ. प्रदीप कुमार बिसेन का किसानों के नाम संदेश भी प्रसारित किया गया। जनेकृविवि के कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को बीज उत्पादन तकनीक, जैविक खाद उत्पादन, कृषि विपणन, जैविक खेती तथा फार्म मशीनरी आदि का प्रशिक्षण दिया। निदेशक कृषि व्यवसाय एवं प्रशिक्षण प्रभारी डॉं. एस.बी. नहातकर ने प्रशिक्षण को महत्वपूर्ण निरूपित किया और बताया कि देश के समग्र प्रदेशों के कृषक, व्यवसायी और एन.जी.ओ. को जनेकृविवि प्रशिक्षित करेगा। कार्यक्रम का संचालन श्री दीपक पाल एवं आभार प्रदर्शन कु. लवीना शर्मा ने किया।

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