भारत 2030 तक 50 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त पड़त भूमि उपजाऊ बनाएगा : श्री मोदी

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प्रधानमंत्री ने वैश्विक जल एजेंडा को शामिल करने के लिए यूएनसीसीडी की प्रशंसा की

(निमिष गंगराड़े)

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने एक्सपो मार्ट, ग्रेटर नोएडा में 14वें मरुस्थलीकरण रोकथाम पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (कॉप-14) की उच्चस्तरीय बैठक का उद्घाटन किया। इस अवसर पर सेंट विंसेंट और ग्रेनाडिनेस के प्रधानमंत्री श्री राल्फ गोंज़ाल्विस, संयुक्त राष्ट्र संघ की उप-महासचिव सुश्री अमीना जेन मोहम्मद, यूएनसीसीडी के कार्यकारी सचिव श्री इब्राहीम थैव, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री श्री बाबू सुप्रियो और अन्य विशिष्टजन उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री ने घोषणा की, 'भारत अब से 2030 तक 2 करोड़ 10 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 2 करोड़ 60 लाख हेक्टेयर तक की पड़त भूमि को ठीक करने की महत्वाकांक्षा रखता है।' इसके मद्देनजर अत्यंत डीग्रेडेड भूमि के 26 मिलियन हेक्टेयर रकबे की भूमि उत्पादकता तथा जैव प्रणाली को बहाल करने पर ध्यान दिया जाएगा। इसके तहत डीग्रेडेड कृषि योग्य, वन और अन्य परती जमीनों को केन्द्र में रखा जाएगा।

प्रधानमंत्री ने भूमि क्षरण नियंत्रण लक्ष्य निर्धारण कार्यक्रम के संबंध में यूएनसीसीडी के सदस्य देशों के क्षमता निर्माण तथा समर्थन के लिए एक वैश्विक तकनीकी समर्थन संस्थान बनाने के भारतीय प्रस्ताव की घोषणा की।

पर्यावरण मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि कॉप-14 पर्यावरण संबंधी अति महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करने के लिए एक विश्व मंच के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा, 'विश्व भर के 190 से अधिक देश, 100 मंत्री और 8000 भागीदार यूएनसीसीडी कॉप-14 में भूमि बहाली और जलवायु के संवर्धन पर चर्चा करने तथा इस दिशा में काम करने के लिए एकजुट हुए हैं।'

सेंट विंसेंट और ग्रेनाडिनेस के प्रधानमंत्री श्री राल्फ गोंज़ाल्विस ने विस्तार से जलवायु परिवर्तन और मरुस्थलीकरण पर बात की। उन्होंने इन मुद्दों को हल करने के संबंध में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, 'हम सब जलवायु परिवर्तन के मुद्दों को हल करने तथा यूएनसीसीडी कॉप-14 को अग्रणी बनाने के लिए एकजुट हैं। मैं पर्यावरण की दिशा में भारत सरकार की भूमिका और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहलों की कद्र करता हूं।Ó न्यूयॉर्क में आयोजित होने वाले पांच शिखर सम्मेलनों के सिलसिले में यूएनसीसीडी के कार्यकारी सचिव श्री इब्राहीम थैव ने कहा, 'अपनी जमीनों की बड़े पैमाने पर बहाली, सुरक्षा और प्रबंधन के बारे में हम यहां जिस समझौते पर पहुंचेंगे और इस बात पर विचार करेंगे कि निजी क्षेत्र की भागीदारी को इस विषय में कैसे संभव बनाया जाए, तो इससे हमें सभी को सम्मिलित करते हुए अपनी कार्ययोजनाओं को पूरा करने में मदद मिलेगी।'

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