कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने में आईसीएआर की महती भूमिका

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आईसीएआर का 91वें स्थापना दिवस समारोह 

नई दिल्ली। केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के 91वें स्थापना दिवस एवं पुरस्कार समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि आईसीएआर ने अपने प्रयासों से हमारे देश को न केवल एक खाद्यान्न आयातक राष्ट्र से एक निर्यातक राष्ट्र के रूप में स्थापित किया, वरन खाद्यान्न के मामले में आत्मनिर्भरता प्रदान करते हुए पोषणिक सुरक्षा की तरफ कदम भी बढ़ाये हैं। उन्होंने बताया कि देश के कुशल कृषि वैज्ञानिकों के अनुसंधान और किसान भाइयों की कड़ी मेहनत के परिणाम स्वरूप दलहन उत्पादन में वर्ष 2017-18 में लगभग 25 मिलियन टन का नया रिकॉर्ड हासिल किया गया है। बागवानी में तो तिहरे शतक (315 मिलियन टन) का आंकड़ा पार कर लिया गया है। यही नहीं, देश तिलहन सेक्टर में आत्मनिर्भर बनने की ओर अग्रसर है।

उन्होंने बताया कि मोदी सरकार की ओर से किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में पिछले पांच वर्षों में अनेक कदम उठाये गए हैं जिसमें एमएसपी में बढ़ोतरी करना; खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में 100 प्रतिशत एफडीआई का अनुमोदन करना; दशकों से अटकी पड़ी सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करना; फसल बीमा योजना का विस्तार करना; 100 प्रतिशत नीम लेपित यूरिया का उपयोग करना और मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना को लागू करना शामिल हैं। मृदा स्वास्थ्य कार्ड के वितरण का पहला दौर पूरा किया जा चुका है और अब दूसरे दौर में वितरण का कार्य भी शुरू कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त किसानों को राहत पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना लागू की गई है।

  • आईसीएआर के प्रयासों ने देश को खाद्यान्न के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया।
  • वर्ष 2018 एवं 2019 का केन्द्रीय बजट पूरी तरह से किसानों और खेती-बाड़ी को समर्पित।
  • जल संकट से बचने के लिए नए जल शक्ति मंत्रालय का गठन। 
  • किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए दस हजार नए एफपीओ बनाने का लक्ष्य।

उन्होंने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि कृषि क्षेत्र के लिए जल प्रबंधन एक बड़ा विषय है। कम जल से खेती हो, इसके लिए 'प्रति बूंद ज्यादा फसल' की अवधारणा को गंभीरता से लेना होगा। हमें अपनी कुल खेती योग्य भूमि में सूक्ष्म सिंचाई का प्रतिशत बढ़ाना होगा। सिंचाई की दृष्टि से जल संकट से बचने के लिए प्रधानमंत्री ने दूरदर्शिता दिखाते हुए नए जल शक्ति मंत्रालय का गठन किया है।

उन्होंने बताया कि कृषि और किसानों को आगे बढ़ाने के लिए मोदी सरकार द्वारा किये जा रहे प्रयासों में सहयोग देते हुए आईसीएआर द्वारा आजादी के बाद आईएआरई, पूसा संस्थान की तर्ज पर दिल्ली से बाहर पहली बार आईएआरआई असम और आईएआरआई झारखंड की स्थापना की गई। सरकार द्वारा 'प्रयोगशाला से खेत' तक कार्यक्रम को मजबूती प्रदान करनी है और इस दिशा में आईसीएआर के कृषि विज्ञान केन्द्रों द्वारा बहुत अच्छा कार्य किया गया है।

आईसीएआर का बेस्ट वर्कर अवॉर्ड

आईसीएआर के  मुख्य प्रचार एवं जन सम्पर्क अधिकारी श्री अनिल कुमार शर्मा को वर्ष 2018 का आईसीएआर का बेस्ट वर्कर (टेक्निकल) अवॉर्ड दिया गया है। उन्हें यह सम्मान आईसीएआर के 91वें स्थापना दिवस के मौके पर नेशनल एग्रीकल्चरल साइंस सेंटर कॉम्प्लेक्स, नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में डेयर के सचिव और आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. त्रिलोचन महापात्रा ने दिया। 

 

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