वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करना है

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नई दिल्ली में कृषि मंत्रियों का राष्ट्रीय सम्मेलन

(निमिष गंगराड़े)

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की परिकल्पना के अनुसार वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करना है। हमारी सरकार इसी लक्ष्य को लेकर कटिबद्ध तथा इस उद्देश्य की पूर्ति में केन्द्र को सभी राज्यों से सहयोग की अपेक्षा है। ये विचार केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने गत 8 जुलाई को दिल्ली में राज्यों के कृषि मंत्रियों के सम्मेलन में व्यक्त किये।

श्री तोमर ने कहा कि किसान अपनी भूमि पर अधिक से अधिक उत्पादन प्राप्त करके अधिक से अधिक लाभ कमाएं, और लागत कम करें। आपने कहा कि तकनीक को बढ़ावा देना होगा, विशेष रूप से लघु एवं सीमांत किसानों तक तकनीक को पहुंचाना होगा।

केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री तोमर ने जल संरक्षण उपाय पर भी जोर दिया। ड्रिप सिंचाई, जैविक खेती को भी बढ़ावा देने की आवश्यकता बतलाई।

सम्मेलन में हरियाणा, सिक्किम, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, केरल, बिहार के कृषि मंत्रीगण पहुंचे थे। सम्मेलन में सभी मंत्रियों ने अपने राज्यों की उपलब्धियों, समस्याओं और केन्द्र सरकार से अपेक्षाओं को व्यक्त किया।

इसके पूर्व कृषि मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने केन्द्र की विभिन्न योजनाओं की प्रस्तुति दी और राज्यों से इन किसान हितैषी योजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन पर बल दिया।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि पर केन्द्र के निर्देश

केंद्र ने पीएम-किसान योजना के त्वरित क्रियान्वयन के लिए राज्यों से लाभार्थी किसानों के नाम जल्द-से-जल्द भेजने को कहा गया। करीब 87,000 करोड़ रुपए की इस परियोजना का लक्ष्य किसानों की आय में वृद्धि करना है।

केंद्र ने फरवरी में अंतरिम बजट के दौरान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की घोषणा की थी। इसके तहत उसने देश के 14.5 करोड़ किसानों को तीन बराबर किस्तों में सालाना 6,000 रुपए की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की घोषणा की है। 

केंद्रीय कृषि मंत्री श्री तोमर ने कहा, हमने पीएम-किसान योजना की शुरुआत की है, जिसके तहत 87,000 करोड़ रुपए किसानों को मिलेंगेे।

नई दिल्ली में केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर से कृषक जगत के निदेशक निमिष गंगराड़े ने सौजन्य मुलाकात की। कृषक जगत के विभिन्न प्रकाशनों का अवलोकन करते हुए श्री तोमर ने कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के प्रसार में कृषक जगत अनवरत योगदान की सराहना की।

उन्होंने इस कार्यक्रम को तेजी से लागू करने की जरूरत पर बल देते हुए कहा, इस योजना का फायदा हर पात्र किसान को मिले, इसे सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी राज्यों की है। बजट में इसके लिए राशि आवंटित की गयी है और यह किसानों के बैंक खातों में हस्तानांतरित किये जाने के लिए तैयार है।

कृषि मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री विवेक अग्रवाल ने अपने प्रेजेन्टेशन में जानकारी दी कि पांच जुलाई तक 3.56 करोड़ किसानों को पहली किस्त के तौर पर 7,120 करोड़ रुपए जबकि 3.10 करोड़ किसानों को दूसरी किस्त के रूप में 6,215 करोड़ रुपए दिये जा चुके हैं।

कृषि मंत्री ने राज्यों से जुलाई के आखिर तक सभी लाभार्थी किसानों की सूची भेजने को कहा ताकि किसानों को अप्रैल-जुलाई की 2,000 रुपए की पहली किस्त उपलबध कराई जा सके।

कृषि मंत्रालय ने बताया कि पश्चिम बंगाल अब तक इस योजना से नहीं जुड़ा है। उन्होंने कहा कि केवल 43 प्रतिशत लाभार्थियों की ही सूची मिल सकी है। उसके अनुसार बिहार में अनुमान के मुताबिक 1.63 करोड़ पात्र लाभान्वित हैं लेकिन अब तक केवल 8.38 लाख किसानों के ही आंकड़े प्राप्त हुए हैं।

विधानसभा चुनाव होने के बाद मध्यप्रदेश और राजस्थान जैसे राज्य इस योजना से जुडऩे के लिए तैयार हो गए। पीएम किसान योजना का सबसे ज्यादा लाभ उत्तर प्रदेश के किसान उठा रहे हैं। पश्चिम बंगाल इस योजना से नहीं जुड़ा है।

  • श्री विवेक अग्रवाल संयुक्त सचिव (आईटी) ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना एवं प्रधानमंत्री किसान मान धान योजना के बारे में प्रेजेंटेशन दिया।
  • श्री आशीष भूटानी संयुक्त सचिव क्रेडिट ने किसान क्रेडिट कार्ड और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की स्थिति का चित्रण किया।
  • चेअरमैन एपीडा श्री पवन बोर ठाकुर ने कृषि मंत्री सम्मेलन में कृषि उत्पाद निर्यात के पहलुओं से अवगत कराया।
  • श्री पी.के. स्वेन संयुक्त सचिव विपणन ने विभिन्न राज्यों में मंडी सुधारों की आवश्यकता जताई।
  • संयुक्त सचिव (आईएनएम) सुश्री नीरजा आदीदाम ने जैविक और परम्परागत खेती की स्थिति से अवगत कराया। अपर सचिव श्री डॉली चक्रवर्ती ने आभार व्यक्त किया।

 

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि प्रमुख राज्यों की जानकारी
राज्य प्रथम किश्त लाभार्थी भुगतान प्रथम किश्त (रुपये) दूसरी किश्त भुगतान दूसरी किश्त (रुपये)
आंध्र प्रदेश 34,43,116 6,88,62,32,000 31,26,852 6,25,37,04,000
बिहार 2,31,873 46,37,46,000 2,19,136 43,82,72,000
छत्तीसगढ़ 1,11,898 22,37,96,000 1,09,434 21,88,68,000
गुजरात 28,32,336 5,66,46,72,000 28,21,569 5,64,31,38,000
हरियाणा 9,42,052 1,88,41,04,000 9,35,929 1,87,18,58,000
हिमाचल प्रदेश 4,74,763 94,95,26,000 4,38,256 87,65,12,000
जम्मू एंड कश्मीर 4,97,204 99,44,08,000 4,59,593 91,91,86,000
झारखंड 4,70,307 94,06,14,000 - 0
कर्नाटक 3,20,721 64,14,42,000 2,31,847 46,36,94,000
केरल 9,35,786 1,87,15,72,000 9,31,661 1,86,33,22,000
मध्य प्रदेश 9,304 1,86,08,000 - 0
महाराष्ट्र 21,29,137 4,25,82,74,000 14,18,119 2,83,62,38,000
मिजोरम 24,410 4,88,20,000 11,931 2,38,62,000
नागालैंड 33,554 6,71,08,000 30,459 6,09,18,000
उड़ीसा 9,62,115 1,92,42,30,000 7,99,293 1,59,85,86,000
पंजाब 12,75,440 2,55,08,80,000 11,44,648 2,28,92,96,000
राजस्थान 14,93,023 2,98,60,46,000 - 0
तमिलनाडु 21,48,504 4,29,70,08,000 20,63,192 4,12,63,84,000
तेलंगाना 21,10,887 4,22,17,74,000 18,58,210 3,71,64,20,000
त्रिपुरा 1,51,095 30,21,90,000 1,51,064 30,21,28,000
उत्तर प्रदेश 1,11,69,349 22,33,86,98,000 1,08,48,667 21,69,73,34,000
उत्तराखंड 3,96,646 79,32,92,000 3,27,434 65,48,68,000
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