अब हाई स्कूल में जैविक खेती भी पढ़ेंगे बच्चे

Share On : facebook-krishakjagat.org twitter-krishakjagat.org whatsapp-krishakjagat.org

अब-हाई-स्कूल-में-जैविक-खेती-भी-पढ़ेंगे

भोपाल। म.प्र. मानव अधिकार आयोग को वर्षों पहले किसानों के जीवन स्तर को सुधारने सौंपी गई रिपोर्ट पर सरकार ने गौर फरमाया और म.प्र. के स्कूल शिक्षा विभाग ने महत्वपूर्ण फैसला लिया। स्कूल शिक्षा विभाग के फैसले के तहत जैविक कृषि को अब हाईस्कूल में सामाजिक विज्ञान विषय के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा। आयोग द्वारा वर्ष 2010 में किसानों की आत्महत्या के संबंध में गठित कमेटी ने यह अनुशंसा की थी कि ग्रामीण विद्यालयों में कृषि शिक्षा पाठ्यक्रम को अनिवार्य किया जाये, जिसमें जैविक खेती आवश्यक रूप से सम्मिलित की जाये। इस शिक्षा से उन छात्रों को लाभ होगा, जो आगे चलकर कृषि कार्य को अपनाना चाहते हैं। आयोग की इस अनुशंसा के परिपालन में मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल की पाठ्यक्रम समिति ने जैविक कृषि को हाईस्कूल पाठयक्रम में सामाजिक विज्ञान के अन्तर्गत शामिल करने का निर्णय लिया है। 

देर से ही सही, शामिल तो किया

राज्य सरकार ने देर से ही सही, जैविक खेती को पाठ्यक्रम में शामिल किया है जो सराहनीय है। पूर्व गन्ना आयुक्त डॉ. साधुराम शर्मा एवं मैने किसानों की आत्महत्या के सम्बन्ध में मानव अधिकार आयोग को सौंपी रिपोर्ट में 35 अनुशंसाएं जैविक खेती के संबंध में की थी। शिक्षा विभाग ने 8 वर्षों बाद यह अनुशंसा मानी है, जो कृषि संबंधी ज्ञान के लिए आवश्यक है। 

- डॉ. जी.एस. कौशल
पूर्व संचालक कृषि म.प्र

 

Share On : facebook-krishakjagat.org twitter-krishakjagat.org whatsapp-krishakjagat.org

Follow us on

Subscribe Here

For More Articles

Releated News